VIDEO: मॉव लिंचिं’ग का शिकार हुए ख़ालिक की अस्पताल में मौ’त, बेबस पिता ने रोते हुए कहा- आख़िर हमारा…

चंदौली: सैयदराजा नगर के वार्ड 12 निवासी जुल्फिका’र अंसारी के 17 वर्षीय पुत्र खालिक को रविवार की भोर में हिंस’क भी’ड़ ने जि’दा जला’ने का प्रयास किया। किशोर ने किसी तरह पानी में कूदक’र अपनी जा’न बचाई और भागक’र घर पहुंचा। परिजन उसे चारपाई पर लेटाकर थाने पहुंचे। घटना की जानकारी होते ही पुलिस महकमे में खलब’ली मच गई। एसपी संतोष सिंह और एएसपी प्रेमचंद दलबल के साथ घट’ना स्थान पर पहुंच गए।

भी’ड़ का शिका’र हुए ख़ालिक अंसारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ हाल’त नाजुक देख चिकित्सकों ने बीएचयू ट्रा’मा सेंटर रेफर कर दिया। फोरेंसिक टीम ने नगर के समीप हाईवे किनारे स्थित मजार पर मिले जले कपड़े और चप्पल को जांच के लिए कब्जे में ले लिया। पीड़ित के घर के आसपास भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।

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हिंस’क भी’ड़ का शिका’र हुए 17 वर्षीय ख़ालिक अंसारी ने आज बीएचयू में द’म तोड़ दिया। ख़ालिक को बीते कल 29 जुलाई को कथित तौर पर भी’ड़ ने जय श्री राम का नारा न लगाने पर ज़िं’दा ज’ला दिया था। जिसके बाद उसे बीएचयू में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। पुलिस ने ख़ालिक के श’व को कब्जे में लेकर पो’स्टमार्ट’म के लिए भेज दिया है।

ख़ालिक की मौ’त से आहत परिजनों में कोहराम मच हुआ है। इससे पहले ख़ालिक के पिता जुल्फकार अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए घट’ना की जानकारी दी थी और सवाल किया था कि आख़िर उनका कसूर क्या था जो उनके साथ ऐसा किया गया?

पिता ने बताया कि जब उसका बेटा घट’ना के बाद अधमरी हालत में घर आया तो उसने बेटे से घट’ना के बारे में पूछा। जिसके जवाब में बेटे ने कहा पापा मुझे नहीं पता चार लोग थे मुझे दबोच कर पकड़ लिया और फिर गाड़ी पर बैठाकर ले गए। इन लोगों ने हमें दुधारी के पुल से उठाया और फिर एक सुनसान जगह ले गए। जहां इन लोगों ने पहले मुझसे जय श्री राम का नारा लगाने और अपने अल्लाह को गा’ली देने के लिए कहा।

खालिक ने पिता को बताया की जब उसने ऐसा नहीं किया तो वो लोगो पीटने लगे और फिर इनमें से एक ने कहा कि सुनील इसके ऊपर तेल डाल और माचिस फेंक ये ख़ुद ही म’र जाएगा। फिर उन लोगो ने पैट्रॉल डाल कर मेरे ऊपर माचिस फेक कर गाड़ी में बैठे वहां से भाग गए।

मीडिया से बात करते हुए खालिक के पिता ने बताया कि इसके बाद ख़ालिद वहां से भागा और घर आ गया जहां उसने मुझे सारी बाते बताईं। पिता ने बताया कि बेटे के घर आने के बाद उसने 100 नंबर पर फोन किया जिसके बाद वहां पुलिस आ गई। पुलिस 8-10 लोगों की मदद से ख़ालिद को खाट पर लिटा कर थाने ले गई लेकिन थाने पर एसओ साहब मौजूद नहीं थे जिसकी वजह से उन्हें इन्तेज़ार करना पड़ा।