मस्जिद के लिए यहां तलाशी जा रही जमीन, कई विकल्पों के बीच फंसा मस्जिद के लिए जमीन…

अयोध्या: अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद ज़मीन के दशकों पुराने विवाद में सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने शनिवार को फ़ैसला सुना दिया है. जहां बाबरी मस्जिद की गुंबद थी, वो विवादित ज़मीन अब हिंदू पक्ष को दे दिया है. वही सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए पाँच एकड़ ज़मीन उपयुक्त जगह पर दी जाएगी। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ट्रस्ट बनाकर सरकार की ओर से मंदिर निर्माण करवाया जाए। इसके लिए तीन महीने में योजना तैयार की जाए।

आपको बता दें अयोध्या पर फैसले के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एतिहासिक फैसले का पक्ष राम मंदिर के निर्माण में रखा, साथ ही मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन का अधिग्रहण राज्य सरकार को करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। की मस्जिद के लिए पांच एकड़ की जमीन किस प्रमुख स्थान पर दी जाएगी।

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या पर दिए अपने फैसले में मुस्लि’म समुदाय को मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देने के निर्देश दिए हैं। यह जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी जानी है। सूत्रों के अनुसार, यह जगह राम जन्मभूमि कॉम्पलेक्स के नजदीक दिए जाने की संभावना बेहद कम है। वही आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी जमीन शहर के भीड़भाड़ इलाके में देना संभव नहीं है। बताया जा रहा है कि जमीन शहर के म्यूनिसिपल इलाके और सरयू नदी के एक छोर पर देने की संभावना है।

अयोध्या अब एक जिला है और अयोध्या शहर उसका हेडक्वार्टर है। वहीं मंदिर समर्थकों का तर्क है कि बाबरी मस्जिद की जगह दी जाने वाली 5 एकड़ जगह जन्मभूमि की शास्त्रीय परिधि या फिर 15 किलोमीटर के गोलाकार इलाके के बाहर दी जानी चाहिए। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, मस्जिद के लिए जगह अयोध्या-फैजाबाद रोड के किनारे पंचकोसी सर्किल के बाहर सरयू नदी के दूसरी ओर दी जा सकती है।

वही आधिकारिक सूत्रों की मने तो ऐसी भी चर्चा है कि बाबरी मस्जिद के लिए शहजनवां गांव में जमीन दी जा सकती है, जहां मुगल बादशाह बाबर के सेनापति रहे मीर बाकी की कब्र स्थित है। हालांकि शहजनवां गांव जन्मभूमि के 15 किलोमीटर के सर्किल के अंदर आता है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि प्रशासन मस्जिद के लिए अयोध्या में कहां जगह मुहैया कराता है।