J&K में असमंजस का माहौल, नेट बंद, पेट्रोल पंप-एटीएम से लेकर राशन की दुकानों पर लंबी लाइन

जम्मू-कश्मीर को लेकर तेजी से घटते घट’नाक्रम को लेकर देश भर में अटकलें लगाई जा रही हैं। राज्य में जारी अमरनाथ यात्रा के लिए पहले 40,000 सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद 10,000 सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती और फिर उसके बाद और 25 हजार सुरक्षा बल घाटी में भेजे जाने और सेना और वायुसेना को हाई अलर्ट पर रखने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था ही कि शुक्रवार को सरकार के अचानक से अमरनाथ यात्रा को रद्द करते हुए सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को घाटी खाली करने का फरमान जारी किया है।

अमरनाथ यात्रा को रोककर तीर्थयात्रियों को वापस भेजने के अभूतपूर्व फैसले के बीच सरकार के कई कदमों की वजह से कश्मीर घाटी में अनिश्चितता और ड’र का माहौल है। पेट्रोल पंपों किरानों की दुकानों और एटीएम पर लोगों की लंबी लाइनें नजर आ रही हैं। किसी आशंका के मद्देनजर ये लोग पहले से राशन-पानी जुटाने में लगे हुए हैं।

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उधर एयरलाइंस कंपनियों ने कैंसिलेशन चार्ज खत्म कर दिए हैं। टूरिस्ट वापस जा रहे हैं और श्रीनगर स्थित नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ने नोटिस जारी कर सभी कोर्सेज के लिए क्लासेज अगले आदेश तक निलंबित कर दिए हैं। संस्थान ने इस फैसले की वजह प्रशासनिक कारण बताए हैं।

वही अडिशनल डीजीपी लॉ ऐंड ऑर्डर मुनीर खान ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, हमें यात्रा और पर्यटकों पर बड़े हमले के इनपुट मिले। कुछ बरामदगी भी हुई है जैसा कि डीजीपी और कॉर्प्स कमांडर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी है। इसी वजह यह फैसला लिया गया है।

आपको बता दें कि पर्यटकों और यात्रियों को जारी किया गया आदेश अभूतपूर्व माना जा रहा है। यहां तक कि जब घाटी में आ#तंकवा’द अपने चरम पर था, उस वक्त भी यात्रा अपनी तारीख पर हुई। इसकी वजह से ही घाटी में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। वहीं पाकिस्तान में बने हथि’यारों की बरामदगी से केंद्र सरकार की यह बात फिर से साबित हुई है।

बता दें कि हफ्ते भर पहले ही अफसर बता रहे थे कि घाटी में ग्राम पंचायत और सशक्त हुए हैं और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ है। वह यह बताना भी नहीं भूल रहे थे कि तीर्थयात्रि’यों की तादाद के मामले में पिछले साल का रिकॉर्ड टूट गया है।

हालांकि, दो दिन पहले राज्य सरकार ने अचानक से अडवाइजरी जारी कर यात्रा को चार दिन के लिए टाल दिया। इसके लिए खराब मौसम को कारण बताया गया। बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस को यात्रा ड्यूटी से भी हटा लिया गया।