मध्य प्रदेश में फिर पकड़े गए 5 आ$तंकी, ISI के लिए कर रहे थे काम

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक बार फिर टेरर फंडिंग का मामला सामने आया है जिसमे मध्यप्रदेश पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ़्तार किया है बताया जा रहा है कि यह लोग ISI के लिए फंड इकट्ठा के रहे थे जो देश में होने वाली आ$तंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जानकारी के मुताबिक 5 लोगों में से 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है बाकी 2 से पूछताछ अब भी जारी है। कहा जा रहा है कि आरोपी सुनील सिंह बलराम सिंह और शुभम मिश्रा को गिरफ्तार करके ATS सतना से अपने साथ भोपाल ले गई वहीं भारवेंद्र सिंह और प्रदीप कुशवाहा से पूछताछ जारी है।

आपको बता दें कि बलराम पहले भी 8 फरवरी 2017 को ATS द्वारा गिरफ्तार किया गया था पूछ ताछ दौरान यह पता चला है कि यह पाँचों लोग देश की सरहद के बाहर बैठे हुए आ#तंकवा’दियों के लिए फंड इकट्ठा कर रहे थे जिससे देश में आ#तंकी गतिविधि’यां इस्तेमाल करते हैं। गिरफ्तार किये गए इन पाँचों लोगो के पास सेलफोन बरामद हुए हैं जिनमे कई पकिस्तान के नंबर मौजूद थे।

Image Source: Google

आपको बता दें कि यह लोग व्हाट्सप्प कॉल के जरिये संपर्क करते थे क्राइम ब्रांच ने इनके व्हाट्सप्प चैट को प्राथमिक जांच के दौरान ट्रैक किया था जिससे उनको इन अपराधियों के इस टेरर एक्टिविटी का पता चला है। मध्यप्रदेश में विंध्य का इलाका धीरे धीरे ISI के टेरर फंडिंग के तौर पर जाना जाने लगा है। साल 2017 में रज्जन तिवारी और संयोग सिंह वही रीवा जिले के एक युवा और कुछ हफ्ते पहले सीधी जिले के सौरभ शुक्ला को आ#तं’की फंडिंग रैके’ट के मामले में गिरफ्तार किया था।

मीडिया से बात चीत के दौरान पुलिसकर्मियों ने बताया की इस पूरे मामले की तफ्तीश की जिसके बाद पता चला है कि, देश की सरहद के उस पार बैठे हुए आ$तंकबा’दी अपने जासूसी और आ#तंकी अभियान चला रहे थे। जिनमे वह भारतीय नागरिकों को फोन लॉटरी धोखाधड़ी और दूसरे तरीकों से चीनी सिम बॉक्स आधारित अवैध फोन एक्सचेंज के जरिये फंसाते हैं। सबसे ज्यादा गरीब लोग इनके निशाने पर होते हैं जिनके खाते को ये लोग 2000 रुपये से 5000 रुपये के मासिक किराए पर लेते हैं।

आपको बता दें कि इसी तरह के बैंक खातों से बलराम और उसके साथी हवाला और दूसरे जरिये से देश में आईएसआई की जासूसी नेटवर्क को संचालित करने के लिये पैसा भेजते थे और फंड इकट्ठा करते थे।