मुसलमानों को लेकर सामने आया मोहन भागवत का बड़ा बयान, पहली बार मदरसों पर भी बोली बड़ी बात

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भारत का सबसे बड़ा संगठन है. खुद को राजनीति से दूर होने का दावा करने वाले संघ को बीजेपी के मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है. संघ भले से ही खुद को राजनीति से दूर बताता हो लेकिन वह बीजेपी के हर निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है यह बात जगजाहिर है. बीजेपी में होने वाले हर फैसले में संघ की रजामंदी होती है. बीजेपी के ज्यादातर नेताओं का भी संघ से गहरा जुड़ाव रहा है. ऐसे में संघ के हर बयान को बीजेपी से और बीजेपी के बयानों को आरएसएस से जोड़ कर देखना आम बात है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत का ऐसा ही एक बयान सामने आया है. मोहन इन दिनों अपने चार दिवसीय दौरे के लिए देहरादून में है. इस दौरान बुधवार को उन्होंने रिटायर्ड अफसरों से संवाद किया. इसी संवाद के दौरान मुसलमानों का जिक्र हुआ जिसके बाद उन्होंने पहली बार मदरसों को लेकर बड़ी कही.

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मोहन भागवत ने मदरसों को लेकर कहा कि मदरसों में भारतीयता का पाठ पढाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारतीयता ही एक ऐसी चीज है जो धर्मों में कोई भेदभाद नहीं करती है और हमें शांति का संदेश देती है. मुसलमान भी इसी संस्कृति से ताल्लुक रखते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हम सब के पूर्वज भी एक ही हैं इसीलिए मुसलमानों को यह समझना चाहिए कि हमें एक सामूहित सोच लेकर अपने देश और समाज का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान से लेकर पाकिस्तान में भी सभी लोग संस्कृति से हिन्दू ही हैं.

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इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने मुस्लिमों को लेकर यह भी कहा कि सच्चे मुसलमानों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से कभी डर नहीं लगता हैं. संघ कोई राजनीतिक दल नहीं है क्योंकि राजनीति समाज को तोड़ती है लेकिन संघ समाज को जोड़ने का काम करता हैं.