महराष्ट्र चुनाव: हिंदुओं से दीपाली तो मुस्लि’मों से सोफिया सैयद बनकर वोट मांग रही यह अभिनेत्रि

महराष्ट्र: इन दिनों महाराष्ट्र में विधान सभा चुनाव का माहौल है| हर पार्टी अपने एड़ी से लेकर सर तक का ज़ोर लगा रही है| सबने अपनी कमर कस मैदान में उतर चुकी है और कुछ अभी भी अपने प्रत्याशियों को उतार रही हैं| इस बार के विधानसभा चुनाव में कई नए चहरे देखने को मिल रहे हैं ख़ास कर इस बार के चुनाव में फिल्म इंडस्ट्रीज से नए नए अभिनेत्री और अभिनेता चुनाव लड़ते हुए नज़र आ रहे हैं| ऐसी ही एक खबर अभी हाल ही में सामने आयी है जिसके चलते महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में मराठी फिल्मों की अभीनेत्री शिवसेना की ओर से चुनाव में उतरी हैं|

बता दें कि शिवसेना इस बार चुनाव जीत हासिल कर ज्यादा से ज्यादा वोट इक’ट्ठा करने की पूरी कोशिश कर रही है जिसके चलते वह नए नए तरीके अपना रही है| शिव सेना ने इस बार एक ऐसे प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया है जिसको लेकर दोनों ही समुदाय यानी हि’न्दू और मुस्लि’म के वोट वह अपने खाते में डाल सके|

इसी के चलते शिव सेना ने क्रम में मुंब्रा कलवा सीट से शिवसेना की प्रत्याशी दीपाली सैयद ने प्रचार करने का अनोखा तरीका निकाला है। शिवसेना उम्मीदवार हिंदू बहुल इलाकों में दीपाली के नाम से वोट मांग रही हैं जबकि मुस्लि’म बहुल इलाकों में सोफिया सैयद बनकर वोट मांगती नज़र आ रही हैं।

जानकारी के मुताबिक़ दीपाली मराठी फिल्मों की अभिनेत्री हैं और उन्होंने पिछले सप्ताह ही शिवसेना का दामन थामा है। हालांकि राजनीति में दीपाली कोई नया नाम नहीं हैं। वह साल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के टिकट पर अहमदनगर सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं लेकिन उस वक़्त उन्होंने चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि दीपाली के नाम को बदल कर चुनाव प्रचार किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। पेशे से वकील और लेखक प्रशान्त पटेल उमराव ने ट्वीट कर इस तरह के चुनाव प्रचार पर रो’ष जताते हुए ट्वीट में लिखा कि दीपाली भोंसले इस्लाम अपनाकर निकाह करके सोफिया सैयद बन गईं|

जानकारी के लिए बता दें कि शिवसेना प्रत्याशी हिं’दू क्षेत्रों में वोट मांगते समय अपना नाम दीपाली व मुस्लि’म क्षेत्र में सोफिया बताती हैं, इससे पहले भी AAP से उन्होंने किस्मत आजमाई थी। इसी के चलते देश भर से इस चुनाव को लेकर लोग अपनी प्रतिकिरिया कर कह रहे हैं कि जो अपने मां बाप, ध’र्म का नहीं हो सकता क्या कभी अपने वोटर, पार्टी या देश का हो सकता है?

वहीँ दूसरी ओर कई लोगों ने अपनी प्रतिकिरिया देते हुए कहा कि इस तरह के उम्मीदवारों का हारना बहुत जरूरी है भले ही वह किसी भी पार्टी के क्यों ना हों। इसी के चलते जब नाम बदलकर चुनाव प्रचार करने की बात पूछी गयी तो दीपाली ने कहा कि नाम का बहुत असर पड़ता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसी वजह से मैं जिस इलाके में जा रही हूं वहां वैसे ही नाम का इस्तेमाल कर रही हूं।

जानकारी के मुताबिक़ दीपाली का मूल नाम दीपाली भोंसले हैं। उन्होंने शादी के बाद अपना नाम सोफिया सैयद रख लिया था। अपने करीब दो दशक के फिल्मी करियर में दीपाली 30 से ज्यादा मराठी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। 1990 के दशक में मराठी धारावाहि’क बंदि’नी और सामानांतर में भी अभिनय कर चुकी हैं। वहीं दीपाली को प्रसिद्धि अंकु’श चौधरी के साथ आई उनकी फिल्म जात्रा से मिली थी।

साभारः #Jansatta