मलेशियाई PM का खुलासा, PM मोदी ने कभी नहीं कहा डॉ जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण के लिए

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने मंगलवार को डॉ. ज़ाकिर नाइक को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है| उन्होंने बताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को वापस करने का कभी अनुरोध नहीं किया| मलेशिया के एक रेडियो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ज्यादा देशों को नाइक नहीं चाहिए और न भारत ने कभी उनको वापस पाने के लिए जोर दिया है| जब मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला, तो उन्होंने मुझसे यह तक नहीं कहा कि वह इस आदमी को वापस चाहते हैं यह आदमी भारत के लिए खतरा हो सकते हैं|

बता दें कि पीएम मोदी ने इस महीने की शुरुआत में रूस में 5वें ईस्ट इकोनॉमिक फोरम के मौके पर महातिर मोहम्मद से मुलाकात की थी| उनकी बैठक के बाद, भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि दोनों नेताओं ने नाइक के प्रत्यर्पण पर चर्चा की थी| गोखले ने बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया दोनों पक्षों ने फैसला किया कि यह हमारे अधिकारी मामले के संबंध में संपर्क में रहेंगे और यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है|

इसी के साथ उन्होंने कहा कि मलेशिया उस देश की तलाश कर रहा है जहां 53 वर्षीय नाइक को भेज सके| वहीं दूसरी ओर महातिर ने यह बात दोबारा साफ कर दी कि नस्लीय विभाजित टिप्पणियों के कारण नाइक को आगे से मलेशिया में सार्वजनिक भाषण देने की इजाजत नहीं दी जाएगी| वहां एक भाषण के दौरान नाइक ने कहा था कि चीनियों को वापस चीन भेज देना चाहिए|

महातिर ने कहा कि नाइक इस देश का नागरिक नहीं है, मेरी समझ से पिछली सरकार ने उन्हें स्थायी निवासी का दर्जा दिया था| एक स्थायी निवासी को देश की व्यवस्था और राजनीति पर टिप्पणी नहीं करना चाहिए, नाइक ने उसका उल्लंघन किया है इसलिए अब उन्हें बोलने की इजाजत नहीं है|

बता दें कि, आतंक से संबंधित गंभीर आरोपों के बाद से नाइक भारत में वांटेड है भारतीय एजेंसियों ने आतंकरोधी कानून के तहत उनके एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को प्रतिबंधित कर दिया है|

मुंबई में पैदा हुए विवादित पीस टीवी के संस्थापक नाइक भारत से भागने के बाद साल 2017 से ही मलेशिया में रह रहे हैं| पिछले महीने पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाइक को मलेशिया के हर राज्य में सार्वजनिक भाषण देने पर प्रतिबंधित कर दिया था|

महातिर ने 3 अगस्त को कहा था कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत में अल्पसंख्यक मुलसमानों से 100 गुना अधिक अधिकार मिले हैं लेकिन फिर भी वे मलेशिया के प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं|

साभारः #NDTVNews

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