न्यूजीलैंड: क्राइस्टचर्च मस्जिद में 51 नमाज़ियों को शहीद करने वाला आतंकी दोषी करार, पीएम जेसिंडा अर्डन ने दिया…

न्यूजीलैंड के आधुनिक इतिहास में सबसे बुरा अत्याचार करने वाले आरोपी ने गुरुवार को अपने सारे अपराध कबूल कर लिए हैं। उसे क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में 51 लोगों की हत्या के लिए दोषी करार दिया गया है। बता दें कि एक साल पहले हुए इस हमले ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था जिसके बाद न्यूजीलैंड में खतरनाक अर्द्धस्वचालित हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए नए कड़े कानून लाना पड़ा था।

आपको बता दें एक साल पहले न्यूजीलैंड में क्राइस्टचर्च मस्जिदों में नमाज पढ़ रहे लोगों को निशाना बनाने वाले हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था और नए प्रकार के अर्ध-स्वचालित हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के नए कानूनों को प्रेरित किया था।

एक बंदूकधारी द्वारा फेसबुक पर अपने हमले के बाद इसे सोशल मीडिया प्रोटोकॉल में वैश्विक बदलाव के लिए भी प्रेरित किया गया, जिसको सारी दुनिया के लोगो ने देखा था।

वहीं हमलावर की अचानक की गई इस स्वीकारोक्ति ने पीड़ितों और उनके रिश्तेदारों को हैरत में डाल दिया और अब इस फैसले के बाद मृत्कों को परिवार वालों और रिश्तेदारों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि लोगों को आशंका थी कि ऑस्ट्रेलिया का श्वेत वर्चस्ववादी ब्रेंटन हैरिसन टैरेंट (29) अपने मुकदमे का इस्तेमाल अपने विचारों का प्रचार करने के मंच के तौर पर करेगा।

लेकिन उसने ऐसा ना करते हुए क्राइस्टचर्च उच्च न्यायालय में हत्या के 51 आरोप, हत्या की कोशिश के 40 आरोप और आतंकवाद के एक आरोप को स्वीकार कर लिया। क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों अल-नूर और लिनवुड पर ऑस्ट्रेलियन नागरिक ब्रेंटन हैरिसन टैरेंट को हमला करने का दोषी करार दिया गया है. हलाकि टैरेंट के लिए अभी सजा तय नहीं की गई है।

आपको बता दें पिछले साल हुए इस हमले में ब्रेंटन ने 51 लोगों की जान ले ली थी। जिनमे 8 भारतीय भी शामिल थे। बता दें कि 15 मार्च 2019 को 28 साल के ब्रेंटन ने दो मजिस्दों में नमाज के दौरान लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं। जिससे 51 लोगो की मौत हो गई थी।