तीन तलाक बिल को लेकर भड़के मौलाना अरशद मदनी मोदी सरकार को दी चेतावनी कहा- मोदी एक नहीं 50 क़ानून बना ले लेकिन…

देश में तीन तलाक पर जारी बहस के बीच जमीयत उलेमा ऐ हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को धमकी दी है. केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लोकसभा में तीन तलाक विधेयक बिल को पास करने पर मोदी सरकार की तीखी आलोचना की है. साथ ही मदनी ने कहा कि इस बिल की कोई अहमियत नहीं है सरकार चाहे ऐसे कितने भी बिल क्यों न बना ले लेकिन जो लोग इस्लाम को मानते है वह शरीयत के अनुसार ही चलेंगे उसे ही अमल करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार इसे राज्यसभा में पेश करेगी लेकिन इसकी कोई अहमियत नहीं हैं.

मौलाना अरशद मदनी ने कहा है कि मुस्लिम समुदाय में दो तरह के लोग है एक वह जो अपनी जिंदगी को इस्लाम के अनुसार बनाए हुए है और दुसरे वह जो इससे अलग चल रहे है शराब पीते है और वह काम करते है जो इस्लाम में हराम है यह मामला भी कुछ ऐसा ही हैं.

मदनी ने कहा कि सरकार एक नहीं ऐसे 50 कानून बना ले लेकिन जो मुसलमान है वह समझते है कि तलाक हो चूका है और अब हमारी बच्ची तलाक देने वाले शौहर के साथ रहेगी तो यह नाजायज होगा और उसकी औलाद भी नाजायज होगी वह लोग कभी इस मसले से पीछे नहीं हटेंगे.

मौलाना मदनी ने आगे कहा कि हम तीन तलाक को समर्थन नहीं देते है हम इसको बुरा मानते है और गुनाह समझते हैं. लेकिन इतना बड़ा गुनाह भी नहीं मानते है कि उसे 3 साल के लिए जेल में डाल दिया जाए और उसके बच्चों और बीवी को बेसहारा छोड़ दिया जाए यह बेवकूफी की बात है.

उन्होंने कहा कि एक कानून आया है कि लड़कियों को संपति में हिस्सा नहीं मिलेगा जबकि यह इस्लामी कानून के खिलाफ है. लड़कियों को भी हक़ होना चाहिए और अगर हमारे दिल में खुदा का खौफ है तो हम उन्हें विरासत में हिस्सा दे और मुसलमान इस पर अमल भी करता है. ऐसा ही तीन तलाक में है जो शरीयत मानता है वो उसके अनुसार चलाएगा जो नहीं मानता वह कोर्ट चला जाए.