स्विट्जरलैंड में कश्मीर मुद्दे पर मोदी की भाषा बोले मौलाना महमूद मदनी

कश्मीर को लेकर अभी भी मामला ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है| अभी भी देश भर से ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया भर से इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं की जा रही हैं| इसी के चलते अपने बिवादि’त बयानों के लिए मशहूर और सोशल मीडिया पर ज्यादातर एक्टिव रहने वाले मुस्लि’म समुदाय की जमीयत उलमा ए हिन्द के जनरल सेक्रेट्री मौलाना महमूद ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर अपना बयान दिया है| आपको बता दें कि मौलाना मदनी ने अपने बयान से एक बार फिर पाकिस्तान को करा’रा जवाब दिया है।

मौलाना महमूद मदनी ने स्विट्जरलैंड में यूरोपीय सांसदों और भारत के इसलामिक विद्ववानों की एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के चलते कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान की मुखालिफत की है। साथ ही इस प्रेस कांफ्रेंस में मौलाना मदनी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 को नि’ष्क्रि’य बनाए जाने पर भारत सरकार का समर्थ’न किया है।

इस प्रेस कांफ्रेंस में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को नि’ष्क्रि’य बनाए जाने से जम्मू कश्मीर और लद्दा’ख में समृद्धी आएगी। उन्होंने इस मुद्दे का अंत’रराष्ट्रीयकर’ण करने पर पाकिस्तान पर नाराज’गी जताई और कहा कि ये भारत का आंतरि’क मामला है।

साथ ही जमीयत उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने इस मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों के विकास के लिये काम करे।

महमूद मदनी ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। हम कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान और अन्य देशों द्वारा किसी भी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेंगे, हम भारत की अखंडता के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते।

इसी के साथ मीडिया से बात करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि पाकिस्तान इस्ला’म के नाम पर पूरे दक्षिण एशिया में तनाव फैला रहा है। अब वह भारतीय मुसलमानों के नाम पर अपने एजेंडे जम्मू एंड कश्मीर पर भारत के कदम पर को दुनिया भर में मुसलमा’नों का मामला बनाने की कोशिश कर रहा है जो इस एजेंडे का मुकाबला करने में सक्षम हैं।

राज्यसभा के सांसद रहे मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इमरान खान की सारी उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं और अब वे उ’ल्टी सी’धी बया’नबा’जी कर रहे हैं। मौलाना मदनी ने इमरान खान द्वारा भारत के खिला’फ यु’द्ध की धम’की दिए जाने पर कहा कि हमें उनके बयानों का जवाब नहीं देनी चाहिए।

इसी के चलते दरगाह अजमेर शरीफ के संरक्षक सैयद सलमान चिश्ती ने भी जेनेवा में हुई इस प्रेस कांफ्रेंस में जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान के दु’ष्प्रचा’र को खारिज करते हुए इसे विफल प्रयास कहा। समान चिश्ती ने कहा कि जो लोग सच्चाई जानते हैं, वे उनके प्रचार पर ध्यान नहीं देंगे।