मेरठ बवाल: हाजी याक़ूब क़ुरैशी ने पीड़ित परिवारों के लिए किया बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश: मेरठ के मछेरान मोहल्ले में अब से कुछ दिन पहले हुयी एक घटना में, लगभग 200 झुग्गी झोपड़ियां जलकर खाक हो चुकी थीं| और उसके बाद वहां तमाम माहौल खराब हुआ और असामाजिक तत्वों ने वहां और उसके आसपास काफी तोड़फोड़ की और सरकारी सम्पत्ती, वाहनों, तथा वहां रहने वाले लोगों के घरों को खासा नुकसान पहुंचाया| इस मामले में पूर्व मंत्री हाजी अय्युब कुरैशी ने इन उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है| हाजी अय्यूब कुरैशी का कहना है, कि असामाजिक तत्वों ने वहां की कॉलोनी में जबरदस्त उत्पात मचा कर उसे पूरी तरह से तबाह और बर्बाद कर के रख दिया है, न सख्त से सख्त सज़ा मिलनी चाहिए|

हाजी अय्यूब कुरैशी बताते हैं, कि इस घटना में उन लड़कियों का दहेज का सामान तक जलकर खाक हो चुका है| जिनकी अभी शादी होने वाली थी| और लगभग इस आगजनी में 100 से भी ज्यादा बकरियों के छोटे-छोटे बच्चे जल गए| उन्होंने बताया कि मैं प्रशासन से इस घटना से पीड़ित हर परिवार के लिए कम से कम 20 लाख रूपये मुआवजा दिए जाने की मांग रखूँगा|

आपको बता दें कि सदर बाजार इलाके में एक बड़ी भूसा मंडी है, और यहां बुधवार की दोपहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई की जा रही थी| और इस अतिक्रमण को हटाने के चलते एक समुदाय के लोग भड़क गए| जिसके बाद लोगों ने विरोध करना चालू कर दिया|

यहाँ तक की लोगों का हुजूम उग्र हो गया, इस पर पुलिस ने लोगों की भीड़ को खदेड़ने के लिए उनकी पिटाई कर दी|इसके बाद अराजकता फैल गई और दिल्ली रोड पर तमाम पथराव और आगजनी हुई| जिसकी वजह से भूसा मंडी क्षेत्र में आने वाली लगभग 200 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां जलकर राख के ढेर में बदल गयीं|

आग लगने के वजह से वहां करी गैस सिलेंडर धमाकों के साथ फूटे और इसके बाद यह आग और भी ज्यादा भयानक होती चली गई, जिसमे एक धार्मिक स्थल के जलने की भी खबर है| इससे वहां की जनता में काफी रोष व्याप्त है| भीड़ ने दिल्ली रोड पर, रोडवेज की बसों में और निजी वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और लूट मचाई| हालांकि शांतिप्रिय लोगों की वजह से पूरा शहर दंगे की चपेट में आने से बच गया|

इस घटना पर एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है की कैंट बोर्ड की टीम और सदर थाना उस इलाके में अवैध रूप से बनाए गए एक मकान को तोड़ने के लिए गई थी| कार्यवाही चल रही थी, और इसी दौरान तकरीबन दर्जनभर महिलाओं ने वहां आकर विरोध करना शुरू कर दिया|

इतना ही नहीं उन्होंने एक सिपाही का असलहा छीन लिया, और उसका वायरलेस सेट तक अपने कब्जे में ले लिया| इसके भीड़ पथराव पर उतर आयी| फिर पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए कुछ लोगों को गिरफ्त में लिया और लोगों को खदेड़ने लाठी का सहारा लिया और उसके बाद मामला शांत हो गया था|

लेकिन तकरीबन 10-15 मिनट बाद एक बड़ी भीड़ ने हंगामा करते हुए पुलिस की टीम से मारपीट किया को चालू कर दिया भीड़ का आरोप है कि यह भूसा मंडी में पुलिस नहीं आग लगाई जिस से तकरीबन 200 झुकी झोपड़िया जलकर राख में तब्दील हो गयीं थीं|