प्रशासन पर भड़’के VHP नेता, धम’की देते हुए कहा- जब बाबरी ढां’चा नहीं बचा तो आप जिसे…

मध्य प्रदेश के मालवा जिले से विश्व हिंदू परिषद VHP के एक वरिष्ठ नेता द्वारा प्रशासन को धम’की देने का मामला सामने आया है जिसके चलते नेता ने प्रशासन को साफ़ खुले तौर पर बाबरी मस्जिद को लेकर धम’की दी है| दरअसल आपको बता दें कि प्रशासन अधिकारियों ने सांप्र’दायि’क रूप से संवे’दनशी’ल आगर शहर में सशस्त्र जुलू’स की अनुमति नहीं दी थी। जानकारी के मुताबिक़ दशहरा से पहले शस्त्र पूजा की जाती है जिसके बाद हिन्दू समुदाय के लोग एक जुलूस का आयोजन करते हैं लेकिन प्रशासन ने माहौल को म’द्देनज़’र रखते हुए इस बार जुलूस की अनुम’ति नहीं दी थी|

बता दें कि विहिप के प्रांत मंत्री नंदकिशोर उपाध्याय ने शनिवार को बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं को कहा कि हिंदुओं को एक ऐसे समुदाय के रूप में पाला जाता है, जो कि एकजुट नहीं हो सकते है और अपनी ताकत नहीं दिखा सकते लेकिन उन्होंने रामजन्मभूमि जाकर बाबरी ढांचे को ध्वस्त कर दिया। यदि उस ढांचे को ध्व’स्त कर दिया गया है, तो क्या आगर का स्ट्र’क्च’र सुरक्षित है? वो भी गिरे’गा, हम आगर को गिरएं’गे।

जानकारी के मुताबिक़, जिला प्रशासन ने जुलूस के आयोजकों को एक बड़ी रैली आयोजित न करने और सीआरपीसी की धा’रा 144 के मद्देनजर ह’थिया’र न उठाने के लिए कहा था। 1 सितंबर को आयोजकों ने प्रशास’न को बताया कि रैली में 3,000 लोग शामिल होंगे और हथियार प्रदर्शि’त करेंगे। प्रशासन ने कम लोगों के लिए अनुम’ति दी लेकिन ह’थि’यार ले जाने की अनुमति से इनका’र कर दिया था।

लेकिन आपको बता दें कि प्रशासन के आदेश जारी करने के बाद भी आदेश की अवहेल’ना करते हुए, कई कार्यकर्ताओं ने खुले तौर पर हथियार चलाए, हालांकि प्रतिभागियों की संख्या 1,000 से कम ही रही थी| इसी के चलते जब द इंडियन एक्सप्रेस ने टिप्प’णी मांगी, तो उपाध्याय ने कहा कि स्ट्र’क्च’र से उनका मतलब सिस्टम था।

वहीँ दूसरी ओर उन्होंने कमलनाथ सरकार पर हिंदु’ओं के हितों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन हमें इस कार्यक्रम को आयोजित नहीं करने दे रहा था। वे शास्त्र पूजा को र’द्द करने का दबाव डाल रहे थे, लेकिन यह एक परंप’रा है।

इसी के चलते कलेक्टर संजय कुमार ने कहा कि उन्हें उपाध्याय द्वारा दी गई ध’म्की के बारे में नहीं पता था। उन्होंने अभी तक उपाध्याय द्वारा दिए गए भाष’ण का वीडियो नहीं देखा है। कलेक्टर ने कहा कि केवल एक पा’रंपरि’क जुलूस के लिए अनुम’ति दी गई थी, ह’थिया’रों के लिए नहीं।

साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है, लेकिन किसी के खि’ला’फ अब तक कोई शिकायत या कार्रवाई नहीं हुई है। आगर मालवा एसपी सविता सोहाने ने स्वीकार किया है कि जुलूस में शामिल लोगों ने ह’थिया’र चलाए हालांकि प्रतिभागि’यों की सं’ख्या कम थी।

साभारः Jansatta