VIDEO: लिं’चिं’ग की घ’टना’ओं के पीछे का सच: निरंजन टाकले ने गौ र’क्षा मॉड्यूल को किया उजागर

वरिष्ठ पत्रकार निरंजन टाकले ने गौ र’क्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि आखिर कैसे गौ र’क्षा के नाम की आड़ में पैसा कमाने के लिए कैसे एक पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा है. न्यूज़ एमएक्स नाम के एक यूट्यूब चैनल पर डाले गए वीडियो में निष्पक्ष और सच बोलने के लिए जाने जाने वाले पत्रकार निरंजन टाकले ने बड़े खुलासे किये है.

उन्होंने बताया कि बज’रंग दल के लोगों द्वारा चलाया जा गया जबरन वसूली नेटवर्क पशु व्यापारियों से पैसे कैसे वसूलता है. उन्होंने सच्चाई का पता लगाने के लिए खुद को लगभग तीन महीने तक रफीक कुरैशी नाम का एक मुस्लि’म पशु व्यापारी के रू’प में रखा.

mob lynching
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इस दौरान उन्होंने मवे’शि’यों से भ’रे क’ई ट्र’कों में यात्रा की. टा’कले ने खुलासा किया कि इस दौरान ट्रकों को जाने देने के एक गिरोह लिए पैसे निकालते है. यह जबरन वसूली एक गाय के ट्रक को जाने देने के लिए 15000 रुपये के रूप में होती है.

जबकि एक भैं’स के ट्रक को 6500 रुपये इकट्ठा करने के बाद ही जाने दिया जाता है. उन्होंने बताया कि पालनपुर के चौधरी नाम का एक ब’ज’रंग दल का आदमी इस पुरे नेटवर्क को चलाता है.

अपने स्टिं’ग ऑपरेशन के दौरान निरंजन  ने चौधरी से भी मुलाकात की. चौधरी का नियम था कि जानवरों के व’ध के बाद व्यापारियों को उन्हें मुफ्त में जानवरों की खाल या त्वचा देनी होगी. वो मूल रूप से त्वचा का निर्यात करते हैं.

जब निरं’जन ने चौधरी से सवाल किया कि आप ऐसा क्यों करते हैं जबकि आपका ध’र्म इसकी अनुमति नहीं देता है? चौधरी ने दे’वी लक्ष्मी’ की एक मूर्ति की ओर इशारा करते हुए कहा कि क्या मैं उस भ’गवान या त्वचा की पूजा करूंगा?

इस दौरान चौधरी ने यह भी बताया कि उसे रोजाना 1.5 करोड़ रुपए आमेरगढ़ चेक पोस्ट पर मिल जाते है. चौधरी ने बताया कि वह लोगों के बीच एक भय पैदा करने के लिए लोगों को मारते हैं. पत्रकार निरंजन कहते हैं कि  इसके पीछे गौ र’क्षा का कोई धार्मिक उद्देश्य नहीं है बल्कि एक व्यापार मॉड्यूल है और व्यवसाय का निवेश भय है.

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