मोदी सरकार कोई भी कानून बना ले मुसलमा’नो को कोई फर्क नहीं पड़ेगा: बदरुद्दीन अजमल

गुवाहाटी: असम की बीजेपी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू किया है। इस नए कानून के तहत उन लोगों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी जिनके दो से जयदा बच्चे हैं. इस मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल ने रविवार को कहा कि इस्लाम सिर्फ दो बच्चे पैदा करने में विश्वास नहीं रखता. और जिन्हें इस दुनिया में आना है उन्हें आने से न तो आप रोक सकते और न ही हम कोई नहीं रोक सकता। इस कानून के लागु होने के से ही ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख और सांसद बदरूद्दीन अजमल का बयान अब सुर्खियों में हैं।

दरअसल, बदरुद्दीन अजमल ने कहा है कि मुस्लि’ ही नहीं कोई भी गैर मुस्लि’म भी इस कानून की नहीं सुनेंगे और बच्चे पैदा करेंगे। अजमल ने आगे कहा की अगर देखा जाये तो इस्लाम के मुताबिक जो भी इस दुनिया में आना चाहता है उन्हें आना चाहिए और उन्हें कोई भी रोक नहीं सकता।

वहीं सरकारी नौकरियों को लेकर बदरुद्दीन अजमल ने आगे कहा, हमारे ऊपर कोई पाबंदी नहीं है. सरकार वैसे भी मुसलमा’नो को क्या किसी को भी सरकारी नौकरी नहीं दे रही है और इस कानून से हमें कोई उम्मीद भी नहीं है. मैं तो कहूंगा कि अच्छी बात है दो बच्चे पैदा किए जाएं और उन्हें शिक्षा दी जाए जिससे वह खुद तरक्की कर सकें और हिंदुओं को भी नौकरियां दें।

मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि सरकार कोई भी कानून बना ले, मुस्लि’म समाज पर इसका कोई भी असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुस्लि’म बच्चे पैदा करने के लिए जो भी बन पड़ेगा वो करेंगे। उनका कहना है कि भाजपा सरकार राज्य में नया कानून ला रही है ताकि मुस्लि’म सरकारी नौकरी से दूर रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुस्लि’मों के पास नौकरी नहीं रहेगी तो उन्हें 5-6 बच्चे पैदा करने चाहिए ताकि उनके पास आमदनी के लिए अधिक हाथ हों। बदरुद्दीन अजमल ने राज्य के सीएम सर्बानंद सोनोवाल पर भी विवादास्पद टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के माता पिता के 8 बच्चे थे। अगर वे इतने बच्चे पैदा नहीं करते तो क्या सर्बानंद सोनोवाल आज मुख्यमंत्री बन पाते।

उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि 10-10 बच्चे पैदा करें और दूसरी ओर सरकार कह रही है कि जिनके 2 से अधिक बच्चे हैं उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी। अजमल ने कहा कि आरएसएस और भाजपा पहले तय कर लें कि वे क्या चाहते हैं।