गुरुग्राम: बातचीत से निपटने वाला मामला सांप्रदायिक बनाया जा रहा है, गुंडई करने वाले को बचाने के लिए हो रहा…

एक मुस्लिम परिवार की होली के दिन क्रिकेट खेलने को लेकर पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. हरियाणा के गुडगांव में हुई इस गुंडागर्दी का चौतरफा विरोध किया जा रहा है. बीजेपी शासित हरियाणा में आए दिन होने वाले धार्मिक ह’मलों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर की सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कई सवालिया चिन्ह लगा दिए है. होली के दिन मुस्लिम परिवार के घर में घुस कर बुरी तरह मार’पीट करने के इस मामले में सरकार की तीखी आलोचना हो रही है.

लेकिन इस सब के बीच गुंडागर्दी का शिकार हुए मुस्लिम परिवार में एक बड़ा कदम उठने की तैयारी कर दी है. पीड़ित परिवार ने अब घसोला गांव छोड़ने की तैयारी कर ली है. पिछले 15 वर्षों से यहां रह रहे परिवार पर जिस तरह से बीते 21 मार्च को 20 से 25 गुंडों ने ह’मला किया उससे परिवार को काफी आहत हुआ है.

Image Source: Google

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही इस परिवार की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी. वहीं हमले के बाद सहमे हुए इस परिवार के मुखिया मोहम्मद साजिद का कहना है कि इस तरह की घटना कभी भी भविष्य में दोहराई जा सकती है इसलिए बेहतर है कि हम ये जगह ही छोड़ दें.

Image Source: Google

उन्होंने बताया कि वे या तो दिल्ली जाएंगे या अपने गांव धूमसपुर वापस चले जाएंगे. गांव जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि अगर उनके साथ ऐसी वारदात उनके गांव में हुई होती तो उनके साथ भी 15-20 लोग खड़े तो होते लेकिन यहां हम पूरी तरह अकेले पड़ गए थे कोई भी हमारे साथ नहीं आया.

बता दें कि साजिद की फर्नीचर रिपेयर की दुकान है उन्होंने हम’लावरों के बारे में बताया कि यह लोग इस इलाके के नहीं लगते है इससे पहले उनके आस-पास रहने वाले लोगों ने उन्हें या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कभी परेशान नहीं किया है.

Image Source: Google

उन्होंने कहा कि मेरा घर मेरा सपना था. यह घर बनाने में करीब 20 लाख रुपए खर्च हुए थे. लेकिन अब उन्हें लगता है कि अब इसे छोड़ देना ही बेहतर रहेगा. आपको बता दें कि तीन साल पहले साजिद ने यह घर बनवाया था, जहां वो पत्नी और छह बच्चों रहते थे.

Leave a comment