भारत में मुसलमानों की दशा को लेकर सँयुक्त राष्ट्र ने मोदी सरकार को आगाह किया

नरेंद्र मोदी सरकार को संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बेचेलेट ने चेताया है. उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा है कि  मोदी सरकार को अपनी विभाजनकारी नीतियों के चलते बड़े आर्थिक झटकों का सामना करना पड़ सकता है. बुधवार को मिशेल बेचेलेट ने केंद्र सरकार को अपनी नीतियों को लेकर चे’तावनी दी है. मोदी सरकार को आगाह करते हुए कहा कि बांटने वाली नीतियों के चलते भारत की आर्थिक वृद्धि को झटका लग सकता है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बेचेलेट ने कहा है कि भारत में गरीबी कम हुई है.

लेकिन इसके साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकार की विभाजनकारी नीतियों से देश के आर्थिक विकास में रुकावट आ सकती हैं. जेनेवा में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत में गरीबी में समग्र रूप से उल्लेखनीय कमी आई है.

लेकिन असमानता एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. ऐसा लगता है कि संकीर्ण राजनीतिक एजेंडों के चलते कमजोर लोग और अधिक हाशिए पर आ रहे हैं. मिशेल ने कहा कि उन्हें डर है कि यह विभाजनकारी नीतियां न केवल कई लोगों को नुकसान पहुंचा सकती है बल्कि भारत के आर्थिक विकास की कहानी को भी कमजोर करेंगी.

न्यूज़ एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार मिशेल ने कहा कि हमें कई रिपोर्ट्स मिली जो अल्पसंख्यकों खासतौर पर मुस्लिमों और ऐतिहासिक रूप से वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोगों जैसे कि दलितों और आदिवासियों के उ’त्पीड़न और उन्हें निशाना बनाने का संकेत देती हैं.

वहीं उप-महाद्वीप में घटित हालिया घटनाक्रमों को लेकर उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को उनके कार्यालय को कश्मीर में जमीनी स्थिति की निगरानी करने के लिए आमंत्रित करना चाहिए. उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर में जारी त’नाव को लेकर चिंता व्यस्त करते हुए कहा कि नियंत्रण रेखा के पार गो’ली’बारी से कई जा’ने जा रही हैं.

इसके आलावा लोग भी विस्थापित हो रहे हैं. उन्होंने कश्मीर के हालातों को लेकर कहा कि मैं भारत और पाकिस्तान दोनों को जमीनी स्थिति की निगरानी करने के लिए और दोनों देशों को मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए मेरे कार्यालय को आमंत्रित करने के लिए प्रोत्साहित करती हूं.