एक बार फिर एर्दोगन आए चीन के मुसलमानों के पक्ष में, चीन को दे दी धमकी, सक्ते में चीन

चीन में अल्पसंख्यकों पर हो रहे ह्त्या$चारों पर तुर्की ने सख्त रुख दिखाया है. हाल ही में अल्पसंख्यक वीगर समुदाय के एक प्रमुख संगीतकार की मौ$त के बाद तुर्की ने चीन को कड़े शब्दों में मुस्लिमों पर चल रहे ह्त्या$चार रोकने के लिए कहा है. इसके साथ ही तुर्की ने चीन से मांग की है कि वीगर मुसलमानों के लिए बनाए गए हिरासत कैंप को तत्काल बंद किये जाए. बता दें कि वीगर चीन के शिनजिंयाग प्रांत के पश्चिमी इलाक़े में रहने वाले वह अल्पसंख्यक मुसलमान हैं जो तुर्की भाषा बोलते हैं.

तुर्की विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि वीग अल्पसंख्यकों को कंसंट्रेशन कैंपों में रखकर उत्पीड़न किया जा रहा है. जबकि इन कैपों को लेकर चीन का कहना है कि यह पुनर्शिक्षा केंद्र हैं जहां रखे गए लोगों को फिर से शिक्षित किया जा रहा है.

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आपको बता दें कि इन कैपों में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर सरकार द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाती है और उन्हें यहां धार्मिक आज़ादी भी नहीं दी जाती है. इन कैपों में कई तरह के धार्मिक प्रतिबंध लगा रखें है.

शनिवार को जारी बयान में तुकी ने कहा कि अब यह कोई राज नहीं है कि हिरासत में रखे गए दस लाख से ज्यादा वीगर मुसलमानों को चीन सरकार द्वारा प्रता$ड़ित किया जा रहा है और उनका राजनीतिक तौर पर ब्रेनवाश किया जा रहा है. जो लोग हिरासत में नहीं है उन पर भी सरकार द्वारा भारी दबाव डाला जा रहा है.

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तुर्की विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हामी अकसॉय ने कहा कि हम 21वीं सदी में है लेकिन जिस तरह से आज के समय में एक बार फिर से चीन द्वारा कंसंट्रेशन कैंप बनाना और वीगर तुर्क मुसलमानों के ख़िलाफ़ चीनी सरकार की नीतियां मानवता के लिए शर्म की बात हैं.

उन्होंने कहा कि संगीतकार अब्दुरर्हीम हेयीत की मौ$त शिनजियांग में चल रहे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के विरोध में तुर्की लोगों की प्रतिक्रिया को और मज़बूत करती हैं. आपको बता दें कि चीन इन हिरासत कैंपों को व्यावसायिक शिक्षा केंद्र बताता है जो उसने अपने क्षेत्र को चरमपंथ से मुक्त कराने के उद्देश्य से बनाए हैं.