कमलनाथ फ़ुल ऐक्शन में शिवराज के ज़ुल्मों पर अब होगी जाँच, मुस्लिमों ने की थी माँग

मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार के दौरान साल 2016 में एक मामला सामने आया था. जिसे लेकर काफी बावल भी हुआ था. आपको बता दें कि 2016 में शिवराज सरकार के दौरान भोपाल जेल से कुछ कैदी फरार हो गए थे. जेल से भागने वालों में आठ कैदी सिमी के सदस्य थे. जानकारी के अनुसार भोपाल जेल से फरार होने के लिए इन कैदियों ने पहले सिपाही शंकर सिंह की ह$त्या की थी और इसके बाद वह जेल से भाग निकले थे. लेकिन इन्हें जेल से कुछ ही दुरी पर पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था.

इसके बाद से ही पुरे देश में बावल उठ खड़ा हुआ था. यह मुठभेड़ कई कारणों के चलते शक के दायरे में आ गई थी. एक तरह इसे लेकर शिवराज सिंह की सरकार की वाहवाही हो रही थी तो वहीं दूसरी तरह कई संगठन इसे फर्जी मुठभेड़ बता रहे है.

इसके बाद से ही कुछ संगठन इस मुठभेड़ को लेकर जांच की मांग कर रहे थे लेकिन शिवराज सिंह सरकार ने ऐसा होने नहीं दिया. पिछले दिनों विधानसभा चुनाव में बीजेपी की नजदीकी हार के बाद सत्ता में आई कांग्रेस ने इसे लेकर अब एक बड़ा कदम उठाने के फैसला किया है.

एमपी के गृह और जेल मंत्री बाला बच्चन ने हाल ही जेल मुख्यालय के अधिकारीयों के साथ हुई बैठक ने 2016 के इस मुठभेड़ की दोबारा जांच की बात कही है. सरकार इस मुठभेड़ के फर्जी होने के दावे पर गंभीरता से विचार करते हुए दोबारा जांच करा सकती है.

बैठक के दौरान बाला बच्चन ने अधिकारियों के साथ जेल सुरक्षा को लेकर कई विषयों पर बातचीत की. बैठक के बाद अधिकारीयों ने बताया कि सीएम कमलनाथ के गृह क्षेत्र में नई सेंट्रल जेल बनने पर विचार किया जा रहा है.

वहीं बाला बच्चन ने बताया कि भोपाल जेल ब्रेक मामले में सभी रिपोर्ट्स देखी जा रही है. किसी भी तरह की शक की स्थिति में इस ममाले की दोबारा जांच कराई जा सकती है. वहीं इसे लेकर बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस सरकार बदले की भावना से काम कर रही हैं.