मोदी सरकार पर भड़की मुस्लिम महिलाएं कहा- तीन तलाक बिल किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगे

केंद्र की मोदी सरकार तीन तलाक बिल को लेकर बुरी तरह से घिरी हुई है. विपक्ष और मुस्लिम समुदाय द्वारा लगातर इस बिल का विरोध किया जा रहा है. हाल ही में मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल को अपने बहुमत वाली लोकसभा में पास करा दिया था लेकिन यह बिल राज्यसभा में आकार अटक गया. इसी के साथ मोदी सरकार की इस बिल को लेकर आलोचनाएं हो रही हैं. इसी बीच तीन तलाक बिल को लेकर मुस्लिम महिलाओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी हैं. उन्होंने साफ किया है कि उन्हें तीन तलाक बिल किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं हैं.

मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए हकूक-ए-तहफ्फुज ख्वातीन मंच के बैनर तले पैदल मार्च निकला. मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक हमें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं.

गुरुवार को मुस्लिम महिलाओं ने ईदगाह रोड स्थित पब्लिक गर्ल्स इंटर कॉलेज में एकत्र होकर केंद्र सरकार द्वारा इस बिल को लोकसभा के बाद राज्यसभा में पेश करने को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की उन्होंने इसके विरोध में पैदल मार्च निकाला.

महिलाओं ने साफ कहा कि यदि केंद्र सरकार इस बिल को राज्यसभा में पास कराने में कामयाब भी रहती है तो भी मुस्लिम महिलाएं इस बिल को मंजूर नहीं करेंगी. वहीं मंच की अध्यक्ष सबा हसीब सिद्दीकी ने कहा कि मोदी सरकार तीन तलाक बिल को मुस्लिम महिलाओं पर जबरन थोपना चाहती हैं.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब इस बिल को लेकर देश की करोड़ों महिलाएं लगातार विरोध कर रही हैं तो फिर सरकार हठधर्मी पर क्यों अड़ी हुई हैं? उन्होंने आगे कहा कि सरकार मुस्लिम महिलाओं और शरियत के नाम पर राजनीति कर रही है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सबा ने कहा कि इस्लाम धर्म का पालन करने वाले शरीयत के अनुसार अपनी जिंदगी गुजारते हैं और उन्हें भारतीय संविधान ने इसकी पूरी आजादी भी दी हुई है लेकिन सरकार शरीयत में लगातार हस्तक्षेप करके मुस्लिम विरोधी होने का प्रमाण दे रही हैं.