कश्मीर मु’द्दे को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड समेत 7 मुस्लि’म संगठनों ने किया बड़ा ऐलान

देश में चल रहे कश्मीर मुद्दे को लेकर मुस्लिम संघठन जमीयत उलेमा ए हिंद और बाकी संघठनों ने बड़ा एलान किया है| न्यूज़ ट्रैक की खबर के मुताबिक़ देश की वर्तमान स्थिति पर विचार करने के लिए जमीयत उलेमा ए हिंद के मुख्य कार्यालय में मुस्लि’म संस्थाओं और प्रमुख नेताओं की एक संयुक्त बैठक हुई जिसमे कई सारे मुस्लि’म संगठनों से संबंधित लोग मौजूद थे. इस बैठक में कश्मीर के संबंध में चर्चा और वहाँ के हालात पर विचार विमर्श किया गया, जिसमें कई प्रस्ताव रखे गए जिनको जमीयत उलेमा ए हिंद के द्वारा पास किया गया।

आपको बता दें कि इस बैठक में मुस्लि’म संगठनों ने प्रस्ताव पास किया कि देश की एकता व अखंड’ता हर नागरिक का पहला कर्तव्य है। किसी भी दशा में इसके साथ समझौता नहीं किया जा सकता। संविधा’न में समानता, सबके साथ इंसाफ और मानव अधिकारों का मकसद भी देश की एकता अखंडता की सुर’क्षा है।

इसके बाद कहा कि संवैधानि’क उद्दे’श्यों की अनदेखी करके हम देश में न तो सुख शांति स्थापित रख सकते हैं और न ही जबरन किसी की वफादारी खरीद सकते हैं इसी के साथ प्रस्ताव में कहा गया कि कश्मीर में धारा 370 को संवैधानिक स्तर पर लागू किया गया था और उसे संवै’धानि’क तौर पर ही वापस लिया जा सकता है।

जमीयत उलेमा ए हिंद की बैठक में कहा गया कि फिलहाल जो तरीका अपनाया गया है, उस पर कई सवाल उठाए गए और विरोध किया गया है, जो कि इस समय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। हमें शीर्ष अदालत पर विश्वास करना चाहिए और उसके फैसले के अनुसार कदम उठाने चाहिए।

जब तक कि यह बात साफ न हो जाए कि धारा 370 का हटाया जाना पूरी तरह सं’वैधानि’क है या नहीं। इसके बाद कहा कि हमें कश्मी’री आवाम के मूलभूत अधिकारों का समर्थन, शांति व्यवस्था स्थापित करना और सामान्य जनजीवन की बहाली पर सरकार का ध्या’न आकर्षि’त करना चाहिए।

साभारः #न्यूज़ ट्रैक