मिलिए भारतीय के इतिहास के सबसे बड़े मुस्लिम नेताओं से जिन्होंने देश के तरक़्क़ी में अपना सब कुछ लगा दिया

भारतीय राजनीति में अब तक कई बड़े राजनेता हुए हैं जिन्होंने पुरे देश पर अपनी छाप छोड़ी हैं. भारतीय जनसंख्या में बड़ा हिस्सा रखने वाले मुस्लिम समुदाय की आवाज़ को सांसद तक पहुंचे का काम भी कई नेताओं ने किया हैं. आज हम आपको देश के दुसरे सबसे बड़े समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कुछ ऐसे ही मुस्लिम नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं. जो भारतीय राजनीति में अपनी मजूबत पकड़ रखते हैं.

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद

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मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था. वह भारत विभाजन के पुरजोर विरोधी थे. आजाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे. भारत में बनी पहली जवाहरलाल नेहरु सरकार में अबुल कलाम आज़ाद देश के पहले शिक्षा मंत्री बने थे.

अरुणा आसफ अली

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देश की स्वतंत्रता के लिए चल रहे संषर्ष को अरुणा आसफ अली ने युवाअवस्था में भी ज्वाइन कर लिया था. वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थी और इन्होने 1940 के दशक में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया था. अरुणा को अपने योगदान के लिए भारत रत्न भी दिया गया.

मुख्तार अब्बास नकवी

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बीजेपी के राज्यसभा सांसद मुख़्तार अब्बास नकवी एक साफ छवि के नेता है. मुख़्तार खुलकर हिं’दुत्व का समर्थन करने वाले भारतीय जनता पार्टी के गिने चुके मुस्लिम नेताओं में से एक हैं. वह बीजेपी के सबसे बड़े मुस्लिम नेता के तौर पर जाने जाते हैं. वह मौजूदा मोदी सरकार में एक मात्र मुस्लिम मंत्री है.

असदुद्दीन ओवैसी

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असदुद्दीन ओवैसी वर्तमान समय में मुस्लिमों के सबसे बड़े नेता के तौर पर जाने जाते हैं. हैदराबाद से सांसद ओवैसी खुलकर बोलते है और सांसद में अक्सर ही मुस्लिमों की आवाज़ बनते है. ओवैसी भारतीय संविधान और शिरियत कानून दोनों के ही समर्थक हैं.

उमर अब्दुल्ला

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भारतीय राजनेता और जम्मू-कश्मीर के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक अब्दुल्ला परिवार के वंशज है उमर अब्दुल्ला. जम्मू-कश्मीर की राजनीति में उमर एक बड़ा नाम है, वह सूबे के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

अकबरुद्दीन ओवैसी

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अपने विवादित बयानों के चलते चर्चा में रहने वाले अकबरुद्दीन ओवैसी तेलंगाना से विधायक हैं. अकबरुद्दीन कई बार सार्वजिनक मंचों से धार्मिक टिप्पणी करते रहे हैं. अकबरुद्दीन मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार के धुर आलोचक है और वह बेबाक अपनी राय देते हैं.

आज़म खान

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सपा के विधायक और यूपी के पूर्व मंत्री आज़म खान पिछले नौ कार्यकाल से रामपुर निर्वाचन क्षेत्र के सक्रिय विधायक रहे हैं. एक बडबोले नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले आज़म खान का मुस्लिम समुदाय में अच्छी पकड़ हैं. वह मुस्लिमों की समस्याओं को बड़े मंचों से उठते हैं. वह इस बार रमपुर से लोकसभा चुनाव के मैदान में उतर रहे है.