गोवा: हिजाब पहनकर पहुँची मुस्लिम छात्रा को नेट परीक्षा में बैठने से रोका

नई दिल्ली/पणजी: राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NEET) आयोजित करने वाले अधिकारियों पर 24 वर्षीय एक छात्रा ने आरोप लगाए कि जब उसने ‘हिजाब’ उतारने से इंकार किया तो उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया जिसके बाद छात्रा ने विरोध जताया और इसको इस्लाम विरोधी बताया जिसके परिणाम स्वरूप छात्रा को एग्ज़ाम छोड़ने पर मजबूर किया गया। वही अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा में चोरी रोकने और सुरक्षा के अन्य मुद्दों को लेकर इन चीजों की अनुमति नहीं है।

24 साल की सफीना खान सौदागर ने बताया कि इससे पहले भी उनके साथ इस तरह का भेदभाव हो चुका है। आहत हो कर युवती ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी आवाज उठाई है। उनका कहना है कि उन्हें हिजाब पहनने पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है जबकि नन को हेडगियर पहनने की अनुमति दे दी जाती है।

सफीना खान सौदागर ने आरोप लगाए कि पणजी में 18 दिसम्बर को जब वह परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो पर्यवेक्षक ने उनसे हिजाब हटाने के लिए कहा सौदागर ने कहा कि जब उसने ऐसा करने से इंकार किया तो उन्होंने उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया।

यूजीसी की नेट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करा रही है सौदागर ने कहा कि वह मंगलवार को परीक्षा केंद्र पर दोपहर एक बजे पहुंची और कतार में खड़ी हो गई जब उम्मीदवारों के पहचान पत्र की जांच प्रक्रिया शुरू हुई. उन्होंने कहा,‘जब मैं पर्यवेक्षण अधिकारी के पास पहुंची तो उन्होंने मेरे दस्तावेज देखे मुझे देखा और हिजाब उतारने के लिए कहा उन्होंने कहा कि हिजाब के साथ मैं परीक्षा हॉल में नहीं जा सकती।

सफीना ने बताया कि उनसे कहा गया कि उन्हें अपने कान दिखाने की जरूरत है और अधिकारियों के साथ काफी देर बातचीत के बाद वह दोबारा से अपना हिजाब इस तरह से बांधने को तैयार हुईं ताकि कान दिखाई दें। उन्होंने कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि मुझे वॉशरूम दिखाया गया। उन्होंने मना कर दिया और पुरुषों की मौजूदगी में ही इसे हटाने को कहा जो कि मेरे पारिवारिक सदस्य नहीं थे और यह इस्लाम के खिलाफ है।

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में लेक्‍चरर तथा जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए नेट परीक्षा का आयोजन साल में दो बार किया जाता है. हाल के दिनों में परीक्षाओं में पेपर लीक और कदाचार की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा व्‍यवस्‍था कड़ी की गई है. इसी सिलसिले में परीक्षार्थियों के लिए कई शर्तें बनाई गई हैं.