मुस्लिम परिवार ने शादी के कार्ड पर छपवाई राम-सीता की तस्वीर, बताई ऐसी वजह की हिन्दू-मुस्लिम दोनों…

देश में 2019 में केंद्र में सत्ता हासिल करने के लिए चल रहे लोकसभा चुनावों के बीच धर्म और जाति को तेजी से निशाना बनाया जा रहा है. खासकर कई रजनीतिक पार्टियां लगातार धर्म विशेष को प्रभावित करके अपना वोट बैंक तैयार करने में लगे हुए है. कुछ विशेष रजनीतिक पार्टियां देश का संप्रदायक माहौल को बिगड़ कर अपनी रजनीतिक रोटियां सेकना जा रहे है.

इसके लिए इस चुनावी माहौल में जमकर धार्मिक बयानबाजी की जा रही है. वहीं इसी बीच एक मुस्लिम परिवार ने हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के चिलौवा गांव में एक मुस्लिम परिवार ने अपनी बेटी रुखसार बानो के शादी के निमंत्रण कार्ड पर एक तस्वीर दी है जो चर्चा का विषय बन गई है.

Source: Google

दरअसल उन्होंने निमंत्रण कार्ड पर भगवान राम और सीता की तस्वीर छपवा कर हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल पेश की है. रुखसार की मां बेबी ने बताया कि हम एक संदेश देना चाहते थे कि हमें अल्लाह के साथ-साथ ईश्वर से भी प्यार है. हर कोई हमारे परिवार का हिस्सा है.

30 अप्रैल को अल्लाहगंज थानाक्षेत्र के चिलौआ गांव में रहने वाले इबारत अली की बेटी की शादी अल्लाहगंज निवासी सोनू के बेटे के साथ होने वाली है. इबारत अली ने बेटी की शादी में न्यौता देने के लिए निमंत्रण पत्र में मक्का मदीना या मुस्लिम धर्म के फोटो न छपवा कर भगवान राम और सीता के स्वयंवर की फोटो छपवाई है.

उनकी इस पहल की काफी प्रशंसा की जा रही है. सोमवार को अली ने कहा कि चिलौआ गांव में हिन्दुओं की आबादी 1800 की है. जबकि इस गांव में अकेले उनका ही मुस्लिम परिवार रहता है लेकिन हिंदुओं ने हमें कभी भी एहसास नहीं होने दिया कि हम मुस्लिम हैं.

उन्होंने बताया कि वह और उनका परिवार हिन्दू-मुस्लिम दोनों धर्मों को मानने वाला परिवार है इसीलिए उन्होंने सबसे पहले अपनी बेटी का निमंत्रण पत्र गांव के प्रसिद्ध देवी मंदिर में चिलौआ देवी माता को अर्पित किया है.