मुसलमानों की सिर्फ इन सवर्ण जातियों को ही मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ

नई दिल्ली: 2019 के ठीक लोकसभा चुनाव के पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ऐसी सवर्ण जातियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं| आपको बता दें की इस आरक्षण देने की घोषणा करने के साथ ही देश भर में एक नई बहस होना शुरू हो गयी है| हालांकी कुछ पोलिटिकल पार्टियाँ इसको समर्थन दे रही हैं तो कुछ लोग इस आरक्षण देने की घोषणा को 2019 के मतदान से जोड़कर देख रहे हैं|

भारत सरकार के मुताबिक ऊंची जाति के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा सरकारी नौकरियों अथवा देश के शिक्षा संस्‍थानों में मिलेगा| इससे हितग्राही को समाज की म्ख्याधरा में आने के लिए आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को मदद मिलेगी|

मुसलमानों के लिए है ये व्यवस्था

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस आरक्षण का फायदा सिर्फ गैर मुस्लिम समाज के लोग ही नहीं वाल्की मुस्लिम समाज के लोग भी इसका लाभ ले पाएंगे| मुसलमानों में भी कुछ सवर्ण जातियां सामाजिक आधार पर घोषित हैं|नीचे आप देखें कि देश में मुस्लिम समुदाय में कौन-कौन सी ऐसी जातियां हैं जो सवर्ण वर्ग में आती हैं|

आपको शायद ये पहले से भी पता हो कि सामाजिक तौर पर देश के मुसलमानों में शेख, सैयद, और पठान मुगलों को सवर्ण मुस्लिमों में गिना गया है| और इन्हें General कैटेगरी के कोटे में रखा जाता है| अगर जिस प्रकार घोषणा के आधार पर आरक्षण लागू होता है तो बाकी अन्य जनरल केटेगिरी की तरह ही इन शेख, सैयद, पठान और मुगल को भी आरक्षण मिल सकेगा|

एक दिक्कत यहाँ हो सकती है

यहाँ एक और खास बात आपको जानकर ये हैरानी होगी की मुसलमानों में मज़हबी तौर से समाज में उस हिसाब से जाति व्यवस्था और ऊंच-नीच का किसी तरह का चलन नहीं है| मतलब कि अगर कोई ये कहता है कि में शेख हूँ या सैय्यद हूँ, या फिर कोई कहे कि आप पठान नहीं हो तो उसको वो साबित कैसे करेगा?

एक्सपर्ट की क्या राय है इस मामले में

जब इस मामले में एक विचारक जो कि मिर्जा गालिब रिसर्च एकेडमी के निदेशक भी हैं इनका नाम डॉ. इख्तियार जाफरी है| इस सवाल पर आप बताते हैं कि ‘जो सैय्यद होने का दावा करते हैं उनका कहना है कि वो पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब के वंशज हैं| जिसके चलते मुस्लिम समाज में उन्हें ऊंचे ओहदे से नवाज़ा गइक या है|

पठानों के बारे में लोग बताते हैं कि ये मुगलकालीन साम्राज्य में सेनाओं का संचालन करते थे| और दूसरे समुदाय को सुरक्षा देते थे| और मुगल कोई अलग से नहीं थे ये भी पठानों में से ही एक हैं|कुछ पठान हुकूमत करते थे| कुछ के अपने अलग-अलग राज पात थे|एक तरह से आप इन्हें क्षत्रियों की तरह योद्धा जाति भी कह सकते हैं|