बढ़ी उपलब्धि: नादिया सालेह बनी ऑस्ट्रेलिया की पहली हिजाबी काउंसलर

दुनियाभर में अब मुस्लिम महिलाएं भी अपना लोहा मनवा रही हैं| बदलते वक़्त के साथ ये मिथ्या पूरी तरह आज के दौर में ख़त्म हो चुकी है कि मुस्लिम ओरतें सिर्फ घर के काम काम कर सकती हैं| लेबनानी मूल की नादिया सालेह को देश में पहली बार हिजबी काउंसलर के रूप में चुना गया है. उन्होंने सिडनी के कैंटरबरी-बैंकस्टाउन की नगर परिषद में एक सीट जीती है. 31 वर्षीय नादिया चार बच्चों की माँ है. अपने पति खालिद सालेह के साथ रहती हैं, जो शहर के परिषद चुनाव में जीतने वाले पहले मुस्लिम और अरब थे. नादिया 28 साल पहले लेबनान में हुए सिविल युद्ध के दौरान लेबनान से भाग कर सिडनी के दक्षिण-पश्चिम में बस गए थे|

उन्होंने 18 वर्ष तक रिवरवुड सामुदायिक केंद्र में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाए दी. ऑस्ट्रेलिया  में नादिया की जीत को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में माना जा रहा है. ध्यान रहे पिछले महीने, ऑस्ट्रेलिया के एक सीनेटर पॉलिन हैन्सन ने सुरक्षा के आधार पर हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक अभियान के तहत संसद में बुर्का पहना था|

इस दौरान उनका मकसद हिजाब को लेकर न केवल सरकार की बल्कि मुस्लिमों की भी आलोचना करना था. हालांकि उनके इस कदम को अटॉर्नी जनरल जॉर्ज ब्रैंडिस ने एक पब्लिसिटी स्टंट करार दिया था. उन्होंने हैन्सन  की आलोचना में कहा था कि हम सभी जानते हैं कि आप इस्लामी विश्वास के अनुयायी नहीं हैं. मैं बहुत सावधानी के साथ आपको सलाह देता हूं, आप अन्य आस्ट्रेलियाई लोगों की धार्मिक संवेदनाओं के लिए बहुत सावधान रहें|