नमाज़ पर प्रतिबंध से भड़की अलका लांबा, कहा- योगीराज में दंगें कर सकते हो लेकिन शांति से नमाज़ नहीं पढ़ सकते

देश की राजधानी दिल्ली से लगे हुए नोएडा यहां कुछ ही महीने पहले पीएम मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने सैमसंग की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया था. वहीं नोएडा एक बार फिर से चर्चा में है लेकिन इस बार चर्चा का बिषय शर्मनाक है. दरअसल नोएडा पुलिस ने हाल ही में एक नोटिस जारी किया है. जिसके लेकर देशभर में विवाद खड़ा हो गया है. इस नोटिस में खुले मैदानों पर पार्क में नमाज़ पर मौक लगाने का आदेश दिया गया था.

इसमें कहा गया था कि अब कोई भी किसी भी सर्वाजनिक पार्क में नमाज नहीं पड़ सकता है. इलाके में स्थित सभी कंपनियों को नोटिस जारी करके बताया गया है कि पार्क और खुले मैदान में नमाज़ पर पाबंदी लगाई गई है ऐसे में कोई भी नमाज पड़ते हुए पाया गया तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

नोएडा पुलिस ने कंपनियों को जारी आदेश में कहा था कि वह अपने सभी मुस्लिम कर्मचारियों को मस्जिद, ईदगाह या दफ्तर के परिसर के अंदर ही नमाज पढ़ने के लिए कहें. उन्हें बताये कि वह सामूहिक रूप से पार्क में एकत्रित होकर नामज़ न पढ़े.

नोटिस में आगे कहा गया था की अगर कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते है तो ऐसी स्थिति में इसके लिए कंपनियां दोषी माना जाएगा. पुलिस ने नॉएडा के सेक्टर 58 के इंडस्ट्रियल एरिया में आने वाले नोएडा अथॉरिटी के पार्क में नमाज पढ़ने पर रोक लगाई हैं.

इसके बाद से ही देश भर में इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है. लोगों द्वारा इसे लेकर योगी सरकार की आलोचना की जा रही है. इसे लेकर आप की विधायक अलका लांबा ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है. आप विधायक ने सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी को निशाना बनाया है.

अलका लांबा ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि नमाज़ पढ़ने की इजाज़त लेनी होगी. दंगे तो यू भी किये जा सकते हैं. उन्होंने आगे लिखा कि हमें दंगों से नही, किसी के शांति से नमाज़ पढ़ने से ख़तरा है -बीजेपी