मॉब लिंचिं’ग पीड़ितों के समर्थन में खड़े हुए नसीरुद्दीन शाह, कहा- जो दर्द उन लोगो…

जाने माने मशूह अभिनेता नसीरुद्दीन शाह फ़िल्म जगत के सबसे मंझे हुए कलाकारों में से एक है। बीते लगभग 2 दशकों से वो बॉलीवुड में सक्रिय है। इस दौरान उन्होंने कई बेहतरीन फ़िल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। शाह एक ऐसे शख्स हैं जो किसी भी सामाजिक या राजनीतिक मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाने से पीछे नहीं हटते। यही वजह है कई बार उन्हें लोगों की आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ता है। भले ही उनकी कितनी भी आलोचना की जाए लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे वाकई समाज के हित में होते हैं।

शाह ने देशभर में भी’ड़ द्वारा पी’ट-पी’टकर मा’र डाले गए लोगों के परिवारिक सदस्यों के प्रति रविवार को एक जुटता जताई। हॉलीवुड फिल्मों में भी खूब नाम कमा चुके शाह ने दादर में स्टेट कंप्लिसिटी इन हेट क्राइ’म्स विषयक पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश भर में भी’ड़ द्वारा पी’ट पी’टकर मा’र डालने की घट’नाओं के पीड़ित लोगों के परिवारों से काफी द’र्द झेला है। कार्यक्रम का आयोजन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन आफ इंडिया’ द्वारा किया गया था।

नसीरुद्दीन शाह ने आगे कहा, मैं पीड़ित परिवार के साथ इस कार्यक्रम में होने में गर्व महसूस करता हूं और उनके साहस को सलाम करता हूं। उन्होंने अपने जीवन में हमसे कहीं अधिक मुश्किलों का सामना किया है। हमने उनकी मुश्किलों का दो फीसदी भी सामना नहीं किया है। फिल्म एक्टर ने कहा कि उनकी टिप्पणि’यों के लिए अक्सर उनकी आलोचना की जाती है।

उन्होंने कहा, कुछ लोग मुझे देशद्रो’ही कहते हैं, कुछ मुझे पाकिस्तान जाने के लिए कहते हैं। मगर ये ताने भी’ड़ के हम’ले का सामना करने वाले लोगों के द’र्द की तुलना में कुछ भी नहीं है। मेरी सहानुभूति और मेरा साथ हमेशा इन लोगों के साथ रहेगा।

आपको बता दें कि एक्टर नसीरुद्दीन शाह पूर्व में भी देश में भी’ड़ की हिं’सा की बढ़ती घट’नाओं की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि बुलंदशहर में भी’ड़ द्वारा एक पुलिसकर्मी की ह@त्या पर गा’य की मौ@त को महत्व दिया जा रहा है।

शाह का तब एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें वह कहते नजर आए, कई इलाकों में हम देख रहे हैं कि एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौ$त से ज्यादा एक गा’य की मौ$त को अहमियत दी जा रही है। ऐसे माहौल में मुझे अपनी औला’दों के बारे में सोचकर फिक्र होती है।