यूपी पुलिस के दावे की NDTV ने फिर खोली पोल, प्रदर्शनकारियों की गो’ली लगने से घायल हुए 57 पुलिसकर्मी, लेकिन पड़ताल में….

लखनऊ: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देशभर में अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के शाहीन बाग में छोटे छोटे बच्चो से लेकर बुजुर्ग महिलाएं पिछले 18 दिनों से लगातार धरना पर हैं. 20 दिसंबर को हुए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन हुए के दौरान उपद्रव के मामले में पुलिस पर गलत तरीके से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।

आपको बता दें 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 21 वर्षीय सुलेमान की पुलिस ने गो’ली मारकर ह#त्या कर दी गई. पुलिस का कहना है कि ये गो’ली उनकी ओर से आत्मरक्षा में चलाई गई थी. उस दिन हिं’सा के दौरान 23 वर्षीय मोहम्मद अनस की भी मौ’त पुलिस की गो’ली लगने से हुई थी।

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 20 दिसंबर को प्रदर्शन हिं’सक हो गया था. और इस दौरान यूपी के अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन के दौरान 21 लोगों की मौ’त हुई. ज्यादातर लोगों की मौ’त गो’ली लगने से हुई थी और यूपी पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर गो’लि’यां चलाई थीं।

वही यूपी पुलिस ने यह भी दावा किया है कि इन प्रदर्शनों के दौरान 300 पुलिसकर्मी घायल हुए, इनमें से 57 पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की गो’ली लगने से घायल हुए हैं। लेकिन जब NDTV ने पड़ताल की तो कुछ और ही सामने आया जब NDTV ने पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से गो’ली लगने से घायल पुलिसकर्मियों की जानकारी मांगी तो वह इस बारे में कुछ नहीं बताया।

हलाकि इन प्रदर्शनों के दौरान एक पुलिस अफसर का पता जरूर चला जो गो’ली लगने से घायल हुए हैं। और उनका नाम है सतपाल अंतिल और वह मुजफ्फरनगर के एसपी हैं. उनके पैर में गो’ली लगी है।

NDTV से बात चीत के दौरान एसपी ने इस बारे में बताया, 20 दिसंबर को मैं अपनी टीम के साथ मीनाक्षी चौक पर था. वहीं पर प्रदर्शनकारियों ने मुझे गो’ली मा’री. उस समय मैं समझ नहीं सका कि क्या हुआ है. मेरे पैर से बहुत खून निकल रहा था। हलाकि NDTV को एक पुलिस अफसर के अलावा और किसी को गो’ली लगने की जानकारी नहीं मिली।