VIDEO: इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद, क़ुरान की तिलावत से शुरु हुआ, न्यूज़ीलैंड का पार्लियामेंट सेशन

न्यूज़ीलैंड में शुक्रवार को क्राइस्टचर्च शहर में दो मस्जिदों पर हुए आ$तंकवादी हम’लों के दौरान 50 लोग मा’रे गए. न्यूजीलैंड में हुई इस घ’टना ने दुनिया भर को स्तब्ध कर दिया है और लोग इस आ’तंकी हम’ले पर दुख और संवेदनाएं जताई है. दुनिया भर में इस हमले की कड़े शब्दों में आलोचना की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हम’लावर ऑस्ट्रेलिया का रहने वाला है और उसने हम’ले के बाद 74 पेज का एक नोट भी छोड़ा है. जिसमें उसने इस हम’ले को जयास ठहराने की कोशिश की है।

वहीं इस ह’मले की दुनिया भर में तीखी आलोचना हो रही है और ऑस्ट्रेलिया में इसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे है. जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में जनता ने बड़ी संख्या ने रैली निकाल कर न्यूज़ीलैंड की मस्जिद में हुए पाश्विक आ$तंकी हम’ले की कड़ी निंदा की. रेडियो तेहरान से बात करते हुए शहर के इमामे जुमा सैयद अबुल क़ासिम रिज़वी ने कहा कि न्यूज़ीलैंड में हुआ आ’तंकी हम’ले की निंदा के लिए पूरा ऑस्ट्रेलिया एकजुट है।

इस हमले को देश के इतिहास का अब तक का सबसे घा’तक ह’मला बताया जा रहा है. प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे न्यूज़ीलैंड के इतिहास का “काला दिन” कहा है ये हमला कैसे हुआ, इसके बारे में जो जानकारी मौजूद है उसके अनुसार सबसे पहले गोलीबारी अल नूर मस्जिद में हुई जो कि क्राइस्टचर्च शहर के केंद्र में है. हमला ब्रेन्टन टैरन्ट नाम के 28 साल के एक आ$तंकी ने किया जिसने ह’मले में कुल पांच बं’दूकों का इस्तेमाल किया था।

अब वही इस आ$तंकवादी द्वारा मुस्लिम समुदाय पर क्राइस्टचर्च में घातक हमले के बाद न्यूजीलैंड में पहला संसद सत्र कुरान शरीफ से एक पाठ के साथ शुरू हुआ।

संसद को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने पीड़ितों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की और हमलावर से निपटने की कोशिश करते हुए शहीद हुए नईम राशिद के बलिदान की भी सराहना की।