न्यूज़ीलैंड के श’हीद नमाज़ियों के परिवार के हक़ में न्यूज़ीलैंड पीएम ने उठाया बड़ा कदम, विश्व नेताओं ने की प्रशंसा

न्यूज़ीलैंड के शहर क्राइस्टचर्च में पिछले दिनों आतं’कियों द्वारा दो मस्जिदों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी. इस घटना के बाद देश समेत दुनिया भर में मातम छा गया था. इस हमले में मुस्लिमों को इस्लाम से नफरत के चलते निशाना बनाया गया. हमलावर ने शहर की दो मस्जिदों पर हम’ले किये. इस हमले में 50 नमाजी शहीद हो गए जबकि 49 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

हम’ले के बाद से ही न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अडर्न पीड़ितों के साथ कदम से कदम मिलकर खड़ी हुई है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जैसिंडा अडर्न ने एक और बड़ा कदम उठाया है.

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न्यूजीलैंड सरकार ने देश में स्थायी रूप से रहने के लिए आवेदन करने वाले क्राइस्टचर्च आ’तंकवादी ह’मलों से सीधे प्रभावित लोगों के लिए बुधवार को दो साल के लिये अपने देश के दरवाजे खोले दिए है.

आप्रवासन न्यूजीलैंड ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि विशेष वीज़ा श्रेणी सबसे प्रभावित लोगों के जीवन पर इस बर्बर त्रासदी के प्रभाव को पहचानती है और वर्तमान में अस्थायी और निवासी वीजा पर लोगों को कुछ निश्चितता देने जा रही हैं.

उन्होने कहा कि हम न्यूजीलैंड में रहने वाले ऐसे लोगों को मस्जिद हम’ले के पीड़ितों में शामिल थे और न्यूजीलैंड में स्थित उनके तत्काल परिवार वीजा के लिए अर्हता प्राप्त करते हैं.

उन्होंने बताया कि 25 वर्ष से कम उम्र के साथी के परिवार और बच्चों के दादा-दादी सहित परिवार के सदस्यों की एक विस्तृत मंडली को शामिल करने के लिए तत्काल परिवार की परिभाषा का विस्तार किया गया है.

वहीं न्यूज़ीलैंड फेडरेशन ऑफ़ इस्लामिक एसोसिएशंस के अध्यक्ष मुस्तफ़ा फ़ारूक ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक उदार इशारा था. हम इस फैसले से बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि हर कोई इसके योग्य होगा.

उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ लोगों ने न केवल अपने प्रियजनों को खो दिया है बल्कि उन्होंने अपने मुख्य प्रदाता को भी खो दिया है. बता दें कि यह हमला 15 मार्च को हुआ था. इस हमले का आरोपी 28 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई ब्रेंटन टैरंट है. जिस पर ह’’त्या के 50 मामलों और ह’त्या के प्रयास के 39 आ’रोप लगाए गए हैं.

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