नकबा डे: 71वीं बरसी के मौके पर प्रदर्शन के दौरान, 80 से ज्यादा फ़िलिस्तीनी घायल

फ़िलिस्तीन के अतिग्रहण की 71वीं बरसी के मौके पर हजारों फिलिस्तीनियों ने बुधवार को इस कार्रवाई के विरोध में एक विशाल रैली निकाली. फिलिस्तीनियों ने 1948 में इज़राइल की स्थापना के दौरान युद्ध के समय फिलिस्तीन की जमीन पर कब्जा जमा लिया गया था. जिसके खिलाफ विरोध जताने के लिए इसे नकबा दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन विरोध प्रदर्शन किये जाते है.

बुधवार की रात ज़ायोनियों ने ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पाश्विक कार्यवाही की. इसी के परिणाम स्वरूप 80 से भी अधिक फ़िलिस्तीनी घायल हो गए. बता दें कि 71 साल पहले हाजारों फिलिस्तीनियों को उनके घरों से जबरन विस्थापित कर दिया गया.

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एक वर्ष से अधिक समय से गाजा में फिलिस्तीनियों ने बाड़ के साथ बड़ा साप्ताहिक विरोध प्रदर्शन किया है. इस दौरान फिलिस्तीनी शरणार्थियों और उनके वंशजों के क्षेत्र में लौटने के अधिकार के लिए और साथ ही इजरायल द्वारा लगाए गए 12 साल के पतन के लिए अंत का आह्वान किया है.

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वहीं पार्स टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक फ़िलिस्तीन सूत्रों का कहना है कि ग़ज़्ज़ा पट्टी में अत्या’चार ग्रस्त फ़िलिस्तीनियों पर हमलावर ज़ायोनियों की पाश्विक फ़ायरिंग में 60 फ़िलिस्तीनी घायल हो गए है. इतना ही नहीं इस दौरान अतिग्रहणकारी ज़ायोनी सैनिकों ने ज़हरीली गैस के गोले भी दाग़े.

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आपको बता दें कि हर बार हज़ारों फ़िलिस्तीनी नकबा डे के अवसर पर विरोध प्रदर्शन करते है और कल भी रामल्लाह सहित विभिन्न क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए गये.

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अतिग्रहण के 71वें साल में फ़िलिस्तीन पर हो रही इन घटना से पता चलता है कि इस्राईल और उसके कुछ पश्चिमी समर्थकों के अपराधों के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी जनता की समस्याओं और परेशानियों में न तो सिर्फ कमी नहीं हो रही है बल्कि उन्हें हर बार नई नई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

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नकबा शब्द फ़िलिस्तीनियों और जनमत की दो महत्वपूर्ण घटनाओं की याद दिलाता है. जिसमें पहली घटना 1948 में इस्राईली सरकार का अवैध गठन और दूसरी घटना 8 लाख से अधिक फ़िलिस्तीनियों को उनके घरों से जबरन निकाल दिया जाना है.