तीन तलाक बिल संसद में पेश होने पर देवबंदी उलेमा खफा, दिया बड़ा बयान

देवबंद: शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में तीन तलाक बिल पारित हो गया। इस पर देवबंदी उलमा ने दो टूक कहा कि यह शरीयत में खुल्लम खुला दखलंदाजी है। इसलिए इस बिल को किसी कीमत पर मंजूर नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उलमा ने इस मसले पर कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा है। दारुल उलूम अशरफिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती अथर कासमी ने कहा कि बीजेपी ने तीन तलाक को लेकर जो बिल पास कराया है। वो अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए कराया है।

क्योंकि बीजेपी के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा और उसने देश की जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया। देश की जनता उनसे वादों को लेकर सवाल न कर बैठे इसलिए बीजेपी ने तीन तलाक बिल को मुद्दा बनाकर उन्हें जनता का ध्यान इधर लगा दिया।

उन्होंने कहा कि तीन तलाक बिल पारित किया जाना सीधे तौर पर शरीयत में हस्तक्षेप है जिसे किसी कीमत पर मंजूर नहीं किया जाएगा। ऑल इंडिया दावातुल मुसलिमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि लोकसभा में जो तीन तलाक बिल पेश किया गया वो मुसलमानों न पहले मंजूर था और न अब होगा।

मुसलमान कुरआन हदीस, अल्लाह और उसके रसूल के बताए रास्ते पर चलता आया है और उसी पर चलता रहेगा। यह खुल्लम खुला कुरआन हदीस और शरीयत में हस्तक्षेप है जिसे मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि यह उन फिरकापरस्त ताकतों की जीत है जिन्होंने मुस्लिम महिलाओं को उलझा कर उनको गुमराह किया है।

जिन्होंने यह बिल पास किया और करवाया है उनको यह जवाब देना होगा कि अगर तलाक देने वाले को जेल होती है तो महिला और बच्चों का खर्च कौन उठाएगा। यह सवाल बहुत अहम है और इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

कहा कि कांग्रेस ने जिस तरह से तीन तलाक पर साथ दिया है उससे साफ है कि कांग्रेस पार्टी भी भाजपा की राह पर चल पड़ी है।