41 लाख लोगों की चिं'ताओं के बीच असम में आज प्रकाशित हुई NRC की फाइनल लिस्ट, जानिए कितने लोग हुए बाहर

41 लाख लोगों की चिं’ताओं के बीच असम में आज प्रकाशित हुई NRC की फाइनल लिस्ट, जानिए कितने लोग हुए बाहर

असम में चल रही NRC की फाइनल लिस्ट आज सुबह 10 बजे ऑनलाइन प्रकाशित हो गई है| एक साल बाद फिर से होने वाली NRC की इस लिस्ट में दोवारा 41 लाख लोगों के नाम पंजीयन हुए हैं वहीँ दूसरी ओर 19 लाख से जयदा लोग इस लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं| Live Updates के मुताबिक़ इससे पहले वाली लिस्ट में अपना स्थान बनाने से बंचित 41 लाख लोगों में से इस बार 19 लाख लोगों को फाइनल लिस्ट से बाहर कर गया दिया है| आपको बता दें कि इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कोंग्रेस पार्टी की सोनिया गाँधी ने अपने आवास पर मीटिंग बुलाई है|

बता दें कि असम में एनआरसी की फाइनल लिस्ट प्रकाशित होने से पहले राज्य में सुरक्षा व्यव’स्था कड़ी कर दी गई थी। वहाँ के संवेदनशील इलाक़ों में नि’षेधा’ज्ञा लागू कर दी गयी है| कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट देने के बाद अंतिम NRC सूची की घोषणा सबसे बड़ा घट’नाक्रम होगा|

जानकारी के लिए बता दें कि असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर NRC पहली बार 1951 में प्रकाशित किया गया था और अब उसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अपडेट किया गया है ताकि असम में रह रहे भारतीय नागरिकों और उन लोगों को अलग-अलग किया जा सके जो मार्च 25 1971 के बाद गैरकानू’नी तरीकों द्वारा बांग्लादे’श से भारत में घुस आये थे|

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने NDTV को बताया कि सूची सुबह 10 बजे तक ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी, और जिनके पास इंटरनेट नहीं है, वे राज्य सरकार द्वारा स्थापित किए गए सेवा केंद्रों में जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं| इसके बाद केंद्र सरकार भी कह चुकी है कि जिन लोगों के नाम अंतिम NRC में दर्ज नहीं होंगे, उन्हें तब तक विदेशी घोषित नहीं किया जा सकता जब तक सभी कानूनी विकल्प इस्तेमाल नहीं किए जाते|

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्हें विदेशी ट्रिब्यूनल में अपना केस प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाएगी राज्य सरकार कह चुकी है कि जो NRC में दर्ज नहीं होंगे, उन्हें किसी भी स्थिति में तब तक हिरासत में नहीं लिया जाएगा, जब तक ट्रिब्यूनल उन्हें विदेशी घोषित नहीं कर देता |

NRC की फाइनल लिस्ट प्रकाशित होने से पहले असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वहां के नागरिकों से कहा कि आप लोग घबराएं नहीं राज्य सरकार अपनी नागरिकता साबित करने में उन लोगों को मदद करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी जो वास्तव में भारतीय हैं|

इसके बाद उन्होंने कहा कि शनिवार को प्रकाशित होने वाली एनआरसी की अंतिम सूची से यदि किसी का नाम बाहर रह जाता है तो इसका यह अर्थ नहीं है कि वह विदेशी बन गया है क्योंकि उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद विदेशी न्यायाधिकरण FT ही इस संबंध में निर्णय ले सकता है|

उन्होंने कहा कि किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. किसी को घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार सभी का ध्यान रखेगी. अंतिम सूची से जिनका नाम बाहर रखा जाएगा उन्हें भी अपनी नागरिकता साबित करने का पूरा अवसर मिलेगा|

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