CAA: नागरिकता बिल को लेकर बोलने पर, डॉ. कफील खान पर केस दर्ज, जानिए क्या कहा था

डॉ कफील खान को कौन नहीं जानता, यह वही डॉक्टर हैं जो गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 60 मासूम बच्चों की मौ’त के बाद चर्चा में आए थे. बताया जाता है कि उस समय डॉक्टर कफील खान ने अपने निजी पैसे तक से हॉस्पिटल में ऑक्सीजन के गैस सिलेंडर की व्यवस्था की थी. जिसके चलते डॉक्टर कफील खान अगले ही दिन, पूरे देश में किसी हीरो की तरह छा गए थे.

एक साधारण से इन्सान का इस तरह से हीरो बनना, सत्ताधारियों को नागवार गुज़रा और उन्होंने किसी भी तरह से लीपापोती करके डॉ कफील खान को हीरो की जगह विले’न बना दिया था. इसके बाद वह कई महीनों तक वह जेल में भी रहे.

DR KAfeel Khan Par Case Darj

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरो’प में डॉ. कफील खान पर केस दर्ज

उस दौरान उन्होंने काफी परेशानियां उठाई, बल्कि अपनी जमा पूंजी से भी उन्हें हाथ धोना पड़ा था. डॉ कफील खान की जांच भी की गई थी, जिसमें वह निर्दोष साबित हुए. दरअसल डॉ कफील खान पर निजी प्रैक्टिस करने के भी आरो’प हैं.

अभी हाल ही डॉ कफील खान पर केस दर्ज हुआ है, उन पर इस बार आरो’प हैं  कि उन्होंने अपने भाषण से शांतिपूर्ण माहौल को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है. जिससे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास हुआ है.

एक भाषण के दौरान उन्होंने कह दिया था, ‘मोटा भाई हर किसी को हिंदू या मुसलमान बनना सिखा रहे हैं’ लेकिन किसी को इंसान बनना नहीं सिखा रहे. वो आरएसएस के अस्तित्व में आने के बाद वह संविधान में विश्वास नहीं करते.

नागरिकता संशोधन से मुस्लि’म अपने ही देश में, दूसरे दर्जे के नागरिक बन जाएंगे और एनआरसी लागू हो जाने के बाद उन लोगों के साथ अत्याचा’र किया जाएगा. यह जानकारी जनसत्ता डॉट कॉम के अनुसार मिली है.

डॉ कफील खान ने यह बात, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक सभा में, भाषण देने के दौरान कही. साथ ही उन्होंने कहा था की यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है और इसे हमें ही लड़ना होगा.

डॉक्टर कफील के अलावा एक एनी पर भी केस दर्ज किया गया है. उन पर भी लोगों को बरगलाने और शांति भंग करने के आरो’प लगे हैं.

अब देखना यह है की इस नागरिकता संशोधन कानून के तहत कितने और लोगों पर केस दर्ज किये जाने बाकि है. दिल्ली की जामिया में पुलिस ने गुंडों के साथ मिलकर क्या  खेला है वो छुपा