हिन्दू संगठनों की भड़काऊ बयानबाज़ी को लेकर मोदी सरकार पर भड़का पर्सनल लॉ बोर्ड

नई दिल्लीः दारूल उलूम नदवातुल उलेमा लखनऊ में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई जिसमें उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिये सरकार अध्यादेश लाये जाने और संसद में तीन तलाक पर कानून बनाए जाने की स्थिति में वह सरकार को अदालत में चुनौती देगे. बोर्ड ने कहा कि कुछ हिन्दूवादी संगठनों द्वारा मंदिर के लिये कानून बनाने की मांग को लेकर भड़काऊ बयानबाजी की जा रही है, सरकार इस पर रोक लगाये और सुप्रीम कोर्ट मामले को संज्ञान ले.

बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक के बाद वरिष्ठ सदस्य कासिम रसूल इलियास ने कहा कि सरकार तीन तलाक पर अध्यादेश लेकर आई है जो छह महीने के लिए है. अगर यह गुजर गया तो कोई बात नहीं लेकिन अगर सरकार ने इसे कानून का रूप देने की कोशिश की तो हम कोर्ट में चुनौती देगें.

उन्होंने कहा कि सरकार ने अध्यादेश को मुस्लिम समाज से सलाह-मशवरा लिये बिना तैयार किया है और अगर इसे संसद में विधेयक के तौर पर पेश किया जाता है तो बोर्ड समिति सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से गुजारिश करेगी कि वह इसे पास न होने दे.

इलियास ने कहा कि बोर्ड का स्पष्ट रुख है कि वह बाबरी मस्जिद मामले में शीर्ष कोर्ट के अंतिम फैसले को स्वीकार करेगा. वहीं मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश या कानून लाने की मांग सरकार से की जा रही है और इसके लिए दिए जा रहे जहरीले बयानों पर रोक लगाए और सुप्रीम कोर्ट इसे संज्ञान में ले.

इस मौके पर बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी ने कहा कि अयोध्या के विवादित स्थल पर यथास्थिति बरकरार रहने की सुरत में कानूनी तौर पर कोई अध्यादेश नहीं लाया जा सकता यही वजह है कि सरकार का अध्यादेश लाने का कोई रुख दिखाई नहीं डेटा है. फिर अगर कोई अध्यादेश आता है तो वह कानूनन सही नहीं होगा हम उसे कोर्ट में चुनौती देगें.