VIDEO: मुसलमा’नों के लिए केवल दो जगह, पाकिस्तान या कब्रिस्तान’, यूपी पुलिस ने 72 साल के बुजुर्ग से कहा

नई दिल्लीः नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई हिस्सों में इस कानून के विरोध में हिं’सक प्रदर्शन भी हुए हैं। जिसके चलते कई लोगो की मौ’त हो चुकी है। वही नागरिकता कानून को लेकर अलग अलग जिलों में हुई हिं’सा के दौरान भारी नुकसना हुआ है। जिसको लेकर यूपी सरकार ने संपत्ति कुर्की की चेतावनी जारी की गई है। और पुलिस ने कई लोगो को गिरफ्तार किया और हजारो लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

बता दें नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में हुए प्रदर्शन में घा’यल होने वालों में फिरोजाबाद के मोहम्मद शफीक जिनके सिर में गो’ली लगी जिसके बाद ही वे बेसुध हालत में हैं। और इस समय दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में वे जिंदगी और मौ’त के बीच झूल रहे हैं। वही इस हिं’सा में कम से कम 18 लोगों की मौ’त अकेले उत्तर प्रदेश में हो चुकी है।

वही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर शहर में रहने वाले 72 वर्षीय लकड़ी व्यापारी के घर में घुस कर पुलिस ने कोहराम मचाया। पुलिस की इस हरकत से दुखी हाजी हामिद ने अपना दर्द अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट द टेलीग्राफ से बयां किया है।

72 वर्षीय वुजूर्ग ने बताया कि शुक्रवार को करीब 11 बजे लगभग करीब 30 पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उनके दो मंजिल मकान में घु’स गए और जमकर तो’ड़ फो’ड़ की। हसन ने कहा कि जब उन्होंने पुलिस वालों का विरोध किया तो उन्हें ला’ठी डं’डों से पी’टा और राइफ’ल का बट से सर पर हम’ला किया। पुलिस ने उनके घर में, वाशबेसिन, बाथरूम की फिटिंग, बिस्तर, फर्नीचर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और बर्तन सब कुछ तो’ड़ दिया।

72 वर्षीय हसन के मुताबिक पुलिस का ये कोहराम 30 से 40 मिनट तक जारी रहा। हसन ने कहा सब कुछ खत्म करने के बाद, पुलिस ने बं’दूक की नोक पर आभूषण और अलमीरा में रखी 5 लाख रुपये की नकदी लू’ट ली। मैंने हाल ही में अपनी दो पोतियों की शादियों के लिए आभूषण खरीदे हैं।

हसन ने कहा था कि उसका एकमात्र अ’परा’ध यह था कि उसके बेटे ने शुक्रवार की नमाज के बाद इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। वही हसन ने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बदला ले रहे हैं और उनके पुलिसकर्मी विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले मुसलमा’नों को नि’शाना बना रहे हैं।

 

उन्होंने कहा, भारत अब वही देश नहीं है जहाँ मेरा जन्म हुआ था। मेरे माता-पिता ने जिन्ना के पाकिस्तान को ठुकरा दिया था और गांधी के भारत को गले लगा लिया था, लेकिन इस सरकार ने हमें पराया बना दिया है।