CAA: खाड़ी देशों तक पहुंची आंदोलन की आंच, अब क़तर के डॉक्टर को खामियाज़ा भुगतना पड़ा

नागरिकता संशोधन एक्ट (Citizenship Amendment Act 2019) को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है। और इस विरोध-प्रदर्शन की आंच अब खाड़ी देशों तक जा पहुंची है। जहाँ CAA को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसमे कई लोगों की मौ’त हो चुकी है। तो वहीं एक ऐसा मामला सामने आया है। जहाँ एक आदमी को अपनी नौकरी ही गंवानी पड़ गई है। बात केरल के डॉक्टर की है, जो दोहा में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में काम करने वाला डॉक्टर है।

हिंदी न्यूज़ वेबसाइट जनसत्ता के मुताबिक, डॉक्टर का नाम अजित श्रीधरन है. वो पिछले 11 साल से क़तर की राजधानी दोहा में नौकरी कर रहे है। शुक्रवार 20 दिसंबर को उन्होंने CAA के समर्थन में एक पोस्ट लिखा था और उनकी इस फेसबुक पोस्ट पर खासा हंगा’मा हो गया, जिसके चलते उन्हें घर वापस आने को मजबूर होना पड़ा।

आपको बता दें दोहा में नसीम हेल्थ केयर ग्रुप में आर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉक्टर अजित श्रीधरन के मुताबिक उन्हें फेसबुक पोस्ट में लोगों द्वारा हॉस्पिटल का बहिष्कार करने की धमकी मिलने के बाद उन्हें वापस आना पड़ा। श्रीधर ने केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून लाए जाने का फेसबुक पर समर्थन किया था।

डॉक्टर अजित श्रीधरन ने अपने फसबूको पोस्ट में (CAA) कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों की भी निंदा की। डॉक्टर ने मलयालम भाषा में की गई पोस्ट में लिखा, ये मुद्दा नागरिकता संशोधन बिल का नहीं है बल्कि मांग है कि मोदी सरकार को सत्ता से निकाला जाए। एक समुदाय को गुमराह करके हिं’सा पैदा करें।

हालांकि डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने किसी की इंसल्ट नहीं की है। उनका कहना है कि उन्हें अपनी प्रतिक्रिया देने का पूरा अधिकार है। उन्हें इस पोस्ट के बाद हॉस्पिटल से रिजाइन देने की बात कही जाने लगी थी. बाद में पता चला कि वो लोग केरल के ही थे. इसके बाद उन्होंने रिज़ाइन कर दिया।

हालांकि दोहा में नसीम हेल्थ केयर ग्रुप हॉस्पिटल मैनेजमेंट की तरफ से उन्हें कोई प्रेशर नहीं था। लेकिन स्थिति इतनी बुरी होती जा रही थी कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया एकाउंट डिएक्टिवेट किया और तत्काल लोल्लम आ गए।

इसी बीच दोहा के हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने एक इंटरनल सर्कुलर में कहा कि डॉक्टर श्रीनगर ने विवा’दित राजनीतिक मुद्दे पर कमेंट करने के चलते सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाओं के बाद तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। यह उनका निजी मामला है और ये हॉस्पिटल प्रशासन के संज्ञान में नहीं था।