ओवैसी ने साधा बीजेपी पर निशाना कहा- अकेले सावरकर को ही क्‍यों, महात्मा गांधी के ह#त्या’रे नाथू राम गोडसे को भी दे दो….

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नज़दीक आते जा रहे हैं जसके चलते देश के नेताओं की बयान बाजी अपनी चरम सीमा पर है| सोशल मीडिया, न्यूज़ बगेरा पर पक्ष विपक्ष के बयान की बाढ़ लगी हुई है| साथ ही पार्टियां, राजनैतिक दल अपने अपने मेनिफेस्टो जारी कर जनता को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं| इसे के चलते महाराष्ट्र में बीजेपी ने भी अपना मेनिफेस्टो जारी किया है जिसमे जनता को लुभाने के लिए सावरकर को भारत रत्न पुरस्कार दिलाने का वादा किया है| बीजेपी द्वारा किये गए इस वादे पर कई राजनैतिक दल एतराज़ जाता रहे हैं|

जानकारी के मुताबिक़ बता दें कि कई राजनैतिक दलों के साथ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी भाजपा की उस मांग पर खूब तंज कसा है जिसमें पार्टी ने अपने महाराष्ट्र चुनावी घोषणा पत्र में हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया है।

एक अंग्रेजी टीवी को दिए इंटरव्यू में AIMIM चीफ ओवैसी ने सावरकर को भारत रत्न देने की बात के चलते भाजपा आलाकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि अकेले सावरकर के लिए क्यों, महात्मा गांधी के ह#त्या’रे नाथू राम गोडसे के लिए भी भारत का सर्वश्रेष्ठ सम्मान क्यों नहीं मांगते।

इंडिया टुडे संग साक्षात्कार में हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रपिता थे। नाथूराम गोडसे और अन्यों को उनकी ह#त्या के मामले में दो’षी पाया गया था। कोई उन्हें भारत रत्न देना तो दूर इसके बारे में सोच भी कैसे सकता है? अगर आप सावरकर को यह सम्मान दे रहे हैं तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दिया जाना चाहिए।


जानकारी के लिए आपको बता दें कि महाराष्ट्र भाजपा की सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग पर एक मीडिया रिपोर्ट को टैग करते हुए ओवैसी ने 15 अक्टूबर को ट्वीट करते हुए लिखा था कि अनमोल रत्न के बारे में कुछ ज्ञान की बातें

  1. महात्मा गांधी की हत्या के आरोप में जीवन लाल कमिशन द्वारा आरोपित।
  2. बलात्कार की राजनीतिक हथियार के रूप में वकालत की।
  3. छात्रपति शिवाजी की आलोचना की।
  4. खुद को ब्रिटिशों का सबसे अज्ञाकारी नौकर कहा।
  5. जेल से बाहर आने के लिए अंग्रेजों को खत लिखे।
  6. तानाशाह हिटलर का समर्थन किया।
  7. दो राष्ट्रों के सिद्धांतों का समर्थन किया।


साभारः #Jansatta