अनुच्छेद-370 से ध्यान हटाने के लिए हुई पी चिदंबरम की गिरफ्तारी और मुझपर लगाए जा रहे है झूठे आरोप, कार्ति चिदंबरम

नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ट नेता और पूर्व बित्त मंत्री पी चिदंबरम पर वित्तीय घोटाले जैसे आरोप लगे थे जिसके चलते सीबीआई ने हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद बुधवार देर रात उनके घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था मीडिया के मुताबिक़ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की टीम उन्हें 27 घंटे से तलाश रही थी। जिसके चलते चिदंबरम बुधवार को सबको चौंकाते हुए कांग्रेस के मुख्यालय पहुंचे जहां उन्होंने प्रेस और मीडिया के सामने बैठ कर अपने ऊपर लगे हुए आरोपों को गलत बताया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ चिदंबरम ने कहा कि, आईएनएक्स मीडिया मामले में मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं है मेरे परिवार के खिला’फ भी कोई आरोपपत्र नहीं है पिछले 24 घंटे में मेरे और मेरे परिवार के बारे में बहुत तरह के भ्रम फैलाए गए मुझे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।

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इसके बाद चिदंबरम ने बयान में कहा कि, लोकतंत्र की बुनियाद आजादी है अगर उन्हें जिंदगी और आजादी के बीच में चुनने के लिए कहा जाए तो वे आजादी चुनना पसंद करेंगे। वहीँ दूसरी तरफ पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा कि, अनुच्छेद 370 के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए सीबीआई ने पी चिदंबरम को गिरफ्तारी कर जनता का ध्यान भटकाया है।

आपको बता दें की पी चिदंबरम को अदालत में पेश करने के बाद सीबीआई ने अदालत से 5 दिन का रिमांड मांगा था जिसमे अदालत ने सीबीआई की यह मांग मंजूर कर चिदंबरम को 5 दिन के रिमांड पर भेजा है लेकिन साथ में कुछ शर्तें भी राखी हैं और वो निम्न शर्ते यह हैं। पी चिदंबरम के वकील और परिजन उनसे रोजाना आधे घंटे तक मुलाकात कर सकते हैं। हर 48 घंटे में उनका मेडिकल चेकअप भी होगा। आरोपी की गरिमा का पूरा ध्यान रखा जाए।

साथ ही अदालत में चिदंबरम ने अपनी बात रखने की इजाज़त मांगी पर सीबीआई द्वारा इसका विरोध किया गया लेकिन फिर भी अदालत ने उनको अपनी दलील रखने की अनुमाती दी इस पर चिदमबरम ने अदालत में कहा कि, कृपया सवाल और जवाब को देखें, कोई ऐसा सवाल नहीं जिसका जवाब मैंने नहीं दिया हो, कृपया इसकी ट्रांसस्क्रिप्ट देखिए।

वही सीबीआई के बकील तुषार मेहता ने कहा कि आईएनएक्स मीडिया घोटा’ले से जुड़े दस्तावेजों को सामने रखकर चिदंबरम से पूछताछ की जाएगी। इसके बाद बकील ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने वाला दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला अदालत में पेश किया। जिसके बाद महेता ने कहा कि मामले में आरोप पत्र दायर किया जाना बाकी है और हमें उस सामग्री की आवश्यकता है जो चिदंबरम के पास है।