हमने खुद को बर्बाद कर लिया क्योंकि हमें सिर्फ नीचा दिखाने और मुस्लिमों के एक होने की परवाह है

हमने खुद को बर्बाद कर लिया क्योंकि हमें सिर्फ नीचा दिखाने और मुस्लिमों के एक होने की परवाह है

दुनिया भर में एक तरफ कोरोना वायरस का कहर है और दूसरी तरफ इसकी वजह से दुनिया भर में मंदी का माहौल है. इस मंदी की चपेट में भारत की अर्थव्यवस्था भी आई है. पहले से गिरती अर्थव्यवस्था को कोरोना ने एक तेजी का झटका और लगा दिया है. भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है, इसके बावजूद भी भारत सरकार कोई ठोस कदम उठा कर अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के मूड में नहीं दिख रही हैं.

इसी बीच मशहूर लेखक चेतन भगत ने अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है और साथ ही साथ अर्थव्यवस्था के निचे लुटाकने के कुछ महत्वपूर्ण कारण भी गिनवाए हैं. चेतन भगत ने कहा कि हमारा ध्यान पाकिस्तान को नीचा दिखाने पर ज्यादा रहता है इसलिए हमने अपना बहुत सारा नुकसान कर लिया हैं.

भारत की अर्थव्यवस्था के पटरी से उतरने के छह कारण चेतन भगत ने गिनाए है. इन कारणों में उन्होंने पाकिस्तान, मुस्लिमों, अन्ध’विश्वा’स और सरकार से सवाल ना करने जैसी बातों को भी शामिल किया है.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्वीटर पर किये अपने ट्विट में चेतन भगत ने लिखा कि हमने अपनी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करके रख दिया है. ऐसा सिर्फ इसलिए हुआ है क्योंकि हम पाकिस्तान को नीचा दिखाने की कोशिशों में जुटे रहते हैं. हमें इस बात की फ्रिक रहती है कि मुस्लिम एक हो रहे है और उनसे जुडी तमाम चीजों के बारे में ज्यादा ही सोचते रहते हैं.

हम अपनी सरकार से सवाल करने और उसकी जवाबदेही तय करने के स्थान पर उनकी पूजा करते हैं. चेतन ने आउटडेटेड इकोनॉमिक्स को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया. चेतन आगे लिखा कि हमें लगता है कि सभी दुख भगवान ने दिए है इसलिए हम सरकार को जिम्मेदार ही नहीं मानते हैं.

इसके साथ ही उन्होंने छठवां कारण गिनाते हुए कहा कि हम रिएलिटी चेक ट्वीट को भी ट्रोल करने में लग जाते है. चेतन के इस ट्वीट पर जब एक पत्रकार ने लिखा कि एक और वजह यह है कि सरकार के पास अर्थव्यवस्था को लेकर कोई योजना ही नहीं हैं.

इस पर जवाब देते हुए चेतन ने लिखा कि सरकार के पास सिर्फ एक शानदार योजना होती है कि आखिर चुनाव कैसे जीतते रहना है, क्योंकि वे लोगों को वह देना जानते है जो लोग चाहते हैं. मुझे लगता है कि लोग अर्थव्यवस्था की परवाह ही नहीं करते हैं.

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