मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता ने मीडिया पर स’ख्त कार्रवाई करने की दी चे’तावनी

लखनऊ: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील उर रहमान सज्जाद नोमानी ने निजामुद्दीन मरकज को लेकर उठे विवाद में मीडिया के एक वर्ग द्वारा खबरों में मरकज के कर्ताधर्ता मौलाना साद के बजाय उनकी तस्वीर इस्तेमाल किए जाने पर सख्त ऐतराज जताया है। नोमानी ने वि’भिन्न मीडिया संस्थानों को लिखे खुले पत्र में कहा है कि वे अपनी इस गलती के लिए बिना शर्त मा’फी मांगें।

मौलाना खलील उर रहमान सज्जाद नोमानी ने कहा कि अगर मीडिया मा’फी नहीं मांगता तो वह उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने पत्र में कहा कि दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज को लेकर उठे वि’वाद के बाद विभिन्न टीवी चैनलों, वेब पोर्टल्स और अखबारों ने मरकज के मौलाना साद को लेकर खबरें प्रसारित प्रकाशित की और इस पूरे घट’नाक्रम के लिए उन्हें दो’षी ठहराया।

नोमानी ने कहा मुझे बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। नोमानी ने कोरोना वायरस म’हामा’री से जुड़ी रिपोर्टें में संयम एवं जिम्मेदारी दिखाने की अपील की है। उन्होंने कहा, मेरे अनुरोध के बाद भी यदि जानबूझकर मेरी तस्वीर का इस्तेमाल आगे किया जाता रहा तो मेरे पास कानूनी कार्रवाई करने के सिवाय और कोई विकल्प नहीं।

नोमानी ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी के लॉकडाउन का खुलकर समर्थन किया है। प्रवक्ता ने कहा कि 24 मार्च को पीएम मोदी की लॉकडाउन की घोषणा से पहले उन्होंने मस्जिदों में नमाज न पढ़ने के लिए मुस्लि’म धर्मगुरुओं एवं मौलवियों के बीच एक सहमति बनाने की पहल की थी।

उन्होंने ने कहा कि इस मा’हामा’री को फैलने से रोकने के लिए समाज के सभी वर्गों के लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। यह समय जाति, धर्म और मजहब से ऊपर उठकर कोरोना का मुकाबल करने का है। पूरी दुनिया की नजर इस समय भारत की तरफ है।

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