हिंदुस्तान की सबसे बड़ी एयरलाइन, एयर इंडिया खतरे में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्लान बना रही है सरकार

बीते कुछ समय से देशभर में चल रही आर्थिक मंदी के कारण देश भर में कई कम्पनियाँ बंद होती जा रही हैं बता दें कि इन्ही कंपनियों के बीच हिन्दुस्तान की सबसे बड़ी एयरलाइन्स एयर इंडिया को सरकार अब 100 हिस्सेदारी के साथ बेच सकती है | आर्थिक मंदी के चलते सरकार ने इसको पहले भी बेचने की नीति बनायी थी लेकिन तेल के बढ़ते घटते दामों की वजह से यह सम्भब नहीं हो सका| हलाकि इससे पहले भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने एक मीटिंग में सरकार को 74 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की सलहा दी थी।

मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ यह पता चला है कि एयर इंडिया एयरलाइन्स कंपनी के पास अब ईंधन भरवाने के लिए तक पैसा नहीं है और इतना ही नहीं अक्टूबर से एयर इंडिया कंपनी के पास वेतन देने लायक पैसा भी नहीं बच रहा है सूत्रों से यह पता चला है कि सरकार के पास जो एयर इंडिया की हिस्सेदारी बची है उसे सरकार अब 100 प्रतिशत तक बेच सकती है।

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हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार अगले हफ्ते तक मंत्रियों का एक समूह एयर इंडिया के भविष्य पर बड़ा फैसला ले सकता है और एयर इंडिया के बिकने की रूपरेखा भी तय कर सकता है| सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के मुताबिक़ यह पता चला ही कि सरकार इस बार 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है।

एयर इंडिया के भविष्य का फैसला करने वाले ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में गृह मंत्री अमित शाह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हैं। इससे पहले 16 अगस्त को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने कहा था कि जीओएम की पहली बैठक से पहले वह एयर इंडिया के मसले पर एक आतंरिक मीटिंग करेंगे पहली बैठक के होते ही बिक्री से जुड़ी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

आपको बता दें कि इस वक़्त एयर इंडिया काफी बड़े माली संकट में है उसके पास अभी अपने कर्मचारियों को बेतन देने के लिए तो दूर पेट्रोल तेल खरीदने और भरवाने तक के लिए पैसे नहीं हैं गुरुवार को सरकारी तेल कंपनी ने उनके पिछले कई बकाये पैसों की वजह से रांची मोहाली पटना विशाखापट्नम पुणे और कोच्चि एयरपोर्ट पर एयर इंडिया को तेल की सप्लाई रोक दी थी।

बता दें कि एयर इंडिया को वेतन देने के लिए 300 करोड़ रुपये प्रति महीने की जरूरत होती है जबकि अभी हालत यह की पेट्रोल तेल के लिए भी एयर इंडिया के पास पैसे नहीं हैं| सूत्रों के मुताबिक़ एयर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अश्विनी लोहानी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को फंड्स की कमी के बारे में सूचना दे दी है। देखते हैं अब आगे सरकार का क्या फैसला होता है।