क्या मुसलमानों को करीब लाने के लिए PM मोदी और बीजेपी काम कर रही है?

पहले बीजेपी अपने राजनीतिक विरो धियों पर मु स्लिम तुष्टीकरण के इल्जाम लगाती रही. अब खुद बीजेपी की एक्टिविटी देखें तो वो मु स्लिमों को करीब लाने की कोशिश करती नजर आ रही है. पश्चिम बंगाल और मा लेगांव नि गमों के चुनावों में मु स्लिम उम्मीदवारों की तादाद आखिर यही तो बता रही है. योगी आदित्यनाथ जहां बदले बदले नजर आते हैं, वहीं अमित शाह इन दिनों विनम्र होने की बात करते हैं. आखिर माजरा क्या है?

लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने मु स्लिम क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से नवनिर्वाचित सांसद सत्यदेव पचौरी मु स्लिम क्षेत्रों में लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं। वे वहां के लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, और प्रधानमंत्री मोदी का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, कानपुर में शुक्रवार की देर शाम पचौरी ने चमनगं ज क्षेत्र में वहां के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भाजपा मु स्लिम वर्ग के लोगों का विकास चाहती है। इस बीच पार्टी की तरफ से भी मु स्लिम क्षेत्रों में मंडलवार व्यवस्था बनाई जा रही है।

भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। अभी तक अल्पसंख्यक मोर्चे के सभी प्रमुख पदाधिकारियों के घर जाकर सांसद पचौरी ने मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सुनाया। कहा जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कुछ वर्षों से भाजपा अनुसूचित जातियों के बीच सक्रिय है, उसी तरह अब मुस्लिम क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रही है।

माना जा रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में मु@स्लिम क्षेत्रों से भी कुछ मात्रा में वोट हासिल हुए हैं। आगे के चुनाव में यह प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश है। सांसद पचौरी ने बताया कि जरूरतमंद मु स्लिम वर्ग के लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा।