अनुच्छेद 370 पर धरना देने जा रहे मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय को सरकार ने किया…

लखनऊ: जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाकर उसका विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य का विभाजन करने के विरोध में धरना देने की घोषणा के बाद मेग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडेय को नजरबंद कर दिया गया है। बता दें सामाजिक कार्यकर्ता और मैगसेसे अवाॅर्डी संदीप पांडेय ने धारा 370 हटाए जाने के खिलाफ कैंडल मार्च निकाले जाने से उन्हें रोका जा रहा है. वह रविवार को अपने साथियों के साथ लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर कैंडल मार्च निकालना चाहते थे।

लाइव हिंदुस्तान की खबर के अनुसार मेग्सेसे अवार्ड विजेता संदीप पांडेय ने फोन पर बताया कि अचानक से हमारे घर पर सुबह पुलिस की चार वैन आई और उन्होंने हमसे कहा कि शहर में निषेधाज्ञा लागू होने की वजह से हम धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। और ये स्वतंत्रता दिवस के बाद हटेगी। मैंने उनसे कहा कि निषेधाज्ञा हटने के बाद ही हम धरना-प्रदर्शन करेंगे। उसमे क्या दिक्कत है।

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संदीप पांडेय ने आगे कहा की कई पुलिस वाले मेरे घर के बाहर खड़े हैं गए। और किसी को भी घर के अंदर आने व घर के बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है। सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर के रखा. हालांकि, संदीप का कहना है कि वह पुलिस के कहने पर कैंडिल मार्च का प्लान रविवार की बजाए 16 अगस्त को रखने का मन बना चुके थे. लेकिन इसके बावजूद उन्हें दिन भर घर में अरेस्ट करके रखा।

वही उनकी पत्नी अरुंधती धुरु जो एनएपीएम की राष्ट्रीय संयोजक हैं। वह भी घर में नजरबंद थी। लखनऊ के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने फोन का जवाब नहीं दिया। वहीं सरकार के प्रवक्ता ने मामले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। संदीप पांडेय ने साल 2002 में इमजेर्ंट लीडरशिप श्रेणी में रेमन मैगसेसे अवार्ड जीता था।