यूपी में गुंडाराज: हज करने गए शख़्स को पुलिस ने उपद्रव और ह’त्या के मामले में बनाया आरोपी

लखनऊ: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिं’सा और आ’गजनि करने वालो को अब चुन चुन कर उत्तर प्रदेश पुलिस नोटिस भेज रही है. जिनसे शांति भंग होने का खतरा है। हालांकि, पुलिस की यह कार्यवाही अब सवालों के घेरे में आ गई, क्योकि इस मामले में कुछ ऐसे लोगों को नामजद किया है जो उस वक्त वहाँ मौजूद ही नहीं थे।

हाल ही में फिरोजाबाद पुलिस ने बन्ने खां नाम के एक शख्स के घर नोटिस भेज दिया था, जिसकी आज से 6 साल पहले ही मौ’त हो गई थी। और पुलिस उसे शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार करना चाहती है। अब मामला लखनऊ से है जहाँ पुलिस ने उपद्रव और पुलिसवालों की ह’त्या का प्रयास करने के मामले में एक ऐसे शख्स को नामजद किया है जो सऊदी अरब के मक्का में हज उमरा पर गए हुए है।

वही यूपी पुलिस ने कुछ ऐसे लोगों को भी नोटिस भेजा है जो सालों पहले म’र चुके हैं या 90-95 साल के हैं जो पलंग से भी नहीं उठ सकते. वही अब इस मामले पर पुलिस का कहना है कि सुलेमान खान 20 दिसंबर को प्रदर्शनों के दौरान बहराइच में उ’पद्र’वी भी’ड़ का हिस्सा थे. उनपर दर्ज एफआईआर में आरोप है कि वह जुमे की नमाज के बहाने मस्जिद में जमा हुए।

लेकिन NDTV की खबर के अनुसार सुलेमान खां 20 दिसंबर सऊदी अरब के मक्का शहर में काबे के सामने इबादत कर रहे थे जिन्हे इस बात की कोई जानकारी भी नहीं थी की मेरे शहर में उस वक्त क्या चल रहा है। लेकिन पुलिस के मुताबिक 20 दिसंबर को सुलेमान खां बहराइच में उ’पद्र’वी भी’ड़ का हिस्सा थे।

लिहाजा पुलिस ने उन पर कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उनपर धारा 144 तोड़ कर जुलूस निकाला मोदी-योगी मुर्दाबाद के नारे लगाएय पुलिस की ह’त्या की कोशिश की इन धाराओं पर एफआईआर दर्ज की गई है।वही बहराइच के रहने वाले सुलेमान खां का कहना है कि किसी वजह से पुलिस को गुमराह करके मेरा नाम भी एफआईआर में डाल दिया गया है।

मैं पुलिस प्रशासन, सीओ साहब और कप्तान साहब से उम्मीद करता हूं कि मेरा नाम उसमें (एफआईआर) से निकाल दिया जाएगा.बता दें कि सुलेमान के पासपोर्ट पर 12 दिसंबर को देश छोड़ने और 28 दिसंबर को भारत वापस आये है।