मशहूर मॉडल पूजा ने इस्लाम क़ुबूल किया, बोलीं प्लीज मुझे अब पूजा नहीं अमीना कहिए

इस्लाम से प्रभावित होकर एक अभिनेत्री ने और अपनाया इस्लाम| आपको बता दें कि ये अभिनेत्री नेपाल से बिलोंग करतीं हैं, और ये एक मशहूर अभिनेत्री होने के साथ-साथ मॉडल भी हैं, इनकी उम्र 31 वर्ष है और नाम ‘पूजा लाम्बा’| इस्लाम धर्म से प्रभावित होकर इस्लाम अपनाने के कई हस्तियों के पोस्ट आपने पहले भी देखे होंगे, पर इनकी कहानी कुछ रोचक है| पूजा बतातीं हैं कि इन्होने लगभग चार साल पहले ही इस्लाम को अपना लिया था| और वे रोजा, नमाज़ और इस्लाम की सबसे चीज़ ज़कात ये सब काम करतीं हैं|

एक बात सुनकर आपको और हैरत होगी, पूजा के बैंक अकाउंट का खाता उन्होंने बदलवा लिया है, जिसमे उन्हें जमा रकम के लिए ब्याज बिलकुल भी नही मिलता| ऐसा इसीलिए किया कि इस्लाम में ब्याज के पैसे का इस्तेमाल करना या ब्याज लेना हराम बताया गया है| अगर अभी किसी मुसलमान से पूछो तो उनके बैंक खाते आपको इस तरह से नहीं मिलेंगे जिसमे कि उन्हें बैंक ब्याज न मिलता हो|

पूजा ने इस तरह अपनाया इस्लाम

मध्ध्यमवर्गीय परिवार से सम्बंध्ध रखने वाली पूजा बौद्ध धर्म में पली और बड़ी हुईं थी| और इनका पूरा नाम पूजा लाम्बा है| इनके पिता एक साधारण किस्सान थे| पूजा जैसे जैसे बड़ी हुईं तो इन्होने सभी धर्मों के अध्धयन करने के बारे में सोचा और वो एक-एक करने सभी धर्मों के नियम और उनके कायदे कानून को पढ़ने लगीं| फिर धीरे धीरे इन्होने इस्लाम के टूर तरीकों को समझा और जाना|

तकरीबन 1 साल तक कई लोगों से इसके बारे में मालूमात करने और खुद भी हर तरह से सोचने समझने के बाद इन्होने इस धर्म को ओरों से अलग पाया और फिर इन्होने इस्लाम अपनाने का फैसला किया| पूजा ने काठमांडू में ही इस्लाम कुबूल किया था| और इनके एकदम से ऐसा करते ही पूरे परिवार के लोग एकदम हैरान रह गए, कहीं किसी ने लालच देकर तो ऐसा नहीं करवाया या इसकी कोई मज़बूरी रही हो| तब पूजा के समझाने के बाद परिवार वालों को राहत मिली कि ऐसा कुछ नही है, मैंने अपनी इच्छा से ही इस्लाम अपनाने का फैसला किया है|

पूजा लाम्बा से हुयी बातचीत के कुछ अंश

मैं एक बौद्ध परिवार में पैदा हुई थी और मैंने 5 साल पहले दूसरे कुछ धर्मों के अध्ययन करने के बारे में सोचा| इसके बाद मैंने मैंने हिंदू धर्म, ईसाई और इस्लाम धर्म का तुलनात्मक रूप में अध्ययन किया| इसके अलावा कुछ और धर्मों को समझने और परखने के दौरान ही मेरा कतर और दुबई जाना हुआ| वहां मैं काफी समय रही और मैंने वहां इस्लामिक सभ्यता को बेहद करीब से देखा| और सच मानिये यहीं से ही में इस्लाम से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई|

इस्लाम में मैंने पाया के एक बहुत बड़ी खूबी जिसको हम ईश्वर मानते हैं, अल्लाह कहते हैं उसी पर पूरी तरह यकीन करना जो ये मैंने दूसरे धर्मो में नहीं देखा| इसके अलावा सारी दुनिया में एक ही किताब कुरआन को पड़ना| ये भी अपने आपमें अनोखा ही है| दुनियाभर के मुसलमानों का एक ही जगह हज यात्रा पर आना, न की अपने अपने देश में अलग अलग तीर्थ स्थलों का होना|

हालांकी मीडिया और कुछ लोगों ने इस्लाम के खिलाफ दुष्प्रचार भी खूब किया, जिसमे उन्होंने ऐसी मनघडंत बैटन को बताया है, जिसका दूर दूर तक इस्लाम से कोई लेना देना नहीं है| इस्लाम को आंतकवाद बढ़ाने वाले धर्म के रूप में मीडिया ने जिस तरह से पेश किया शुरू में तो मुझे भी डर लगता था| इतना की अगर कोई दाड़ी वाला मेरे करीब से गुज़र जाता तो में परेशान हो जाती थी|

क्या आप मीडिया के इस दुष्प्रचार से प्रभावित नहीं हुईं?

हाँ ये सच है की एक वक़्त तक में दहशत में रहती थी लेकिन सच ये है कि इस्लाम के खिलाफ मीडिया के दुष्प्रचार की वजह से ही में आज इस्लाम का हिस्सा हूँ| क्योंकि मैंने अध्ययन के दौरान इस्लाम को मीडिया में इतना दुष्प्रचार होने के बावजूद भी इसके विपरीत एक अच्छा मज़हब देखा, लकिन अब में इस बात को दावे के साथ बोलती हूँ कि सिर्फ इस्लाम ही दुनिया में ऐसा मजहब है जो सिर्फ और सिर्फ शांति और इंसानियत को बढ़ावा देता है| यहाँ हमेशा इंसाफ की बात की जाती है|

आप फिल्मी दुनिया से जुड़ी रही हैं और आपसे जुड़े कई स्कैंडल मीडिया में आए, एक बार तो आपने खुदकुशी करने की कोशिश भी की इसके बारे में आप कुछ बताएंगी?

कुछ लोगों ने और मीडिया ने मेरी निजी जिंदगी के बारे में नेगेटिव ख़बरें छापकर मुझे एक तरह से बदनाम करने की कोशिश की गयी| मैं मीडिया को दोष नहीं देना चाहूंगी क्योंकि यह तो मीडिया का काम ही है, लोगों के निजी ज़िंदगी में झांकना और उनकी बैटन को मिर्च मसाला लगाकर लोगों के सामने परोसना|