VIDEO: पुतिन ने क़ुरआन की एक आयत पढ़कर सऊदी को दिया ये खास पैग़ाम

VIDEO: पुतिन ने क़ुरआन की एक आयत पढ़कर सऊदी को दिया ये खास पैग़ाम

सऊदी की सबसे बड़ी तेल कंपनी सऊदी अरामको पर ड्रोन हम’ले ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है| साथ ही सऊदी की तेल कंपनी पर हुए हम’ले की वजह से वैश्वि’क अ’र्थव्यव’स्था और क्षेत्रीय स्थिरता को गंभी’र नुकसान पहुंचा है| इसी दौरान यमन में सऊदी नीत यु’द्ध की आलोचना करते हुए पुतिन ने कुरान का हवाला दिया है| पुतिन ने कहा कि कुरान में अपने लोगों की रक्षा के लिए की गई हिं’सा को छोड़कर हर तरह की हिं’सा अस्वीकार्य है| इसी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सऊदी अरब को भाईचारे की कुरान की शिक्षाओं को याद दिलाते हुए दिल जीत लिया है और यमन में यु’द्ध का अंत करने का आग्र’ह किया है|

बता दें कि पुतीन ने अपने भाषण में कुरआने मजीद के सूरए आले इमरान की आयत नंबर 103 का रुसी अनुवाद पढ़ा जिसमें कहा गया है कि सब लोग अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से थामे रहो और एक दूसरे से दूर न रहो और अल्लाह की इस कृ’पा को याद करो कि तुम एक दूसरे के दुश्म’न थे तो उसने तुम्हारे दिलों को एक दूसरे से जोड़ दिया इस तरह से तुम उसकी कृपा से भाई भाई बन गये|

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पवित्र कुरान के सूरह अल इमरान की आयत की तिलावत करके मुस्लि’म देशों से यमन में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने का आह्वा’न किया जिसके परि’णामस्वरू’प लाखों निर्दो’ष मौ’तें हुईं, और गंभी’र ढांचा’गत क्षति हुई है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस वक़्त सऊदी अरब के नेतृत्व वाला मुस्लि’म राष्ट्रों का गठबंधन यमन के हौ’थी वि’द्रोहि’यों के खिला’फ लड़ रहा है, जिससे भोजन की कमी और यु’द्धग्र’स्त महो’ल बना हुआ है।

आपको बता दें कि एक उच्च स्तरीय राजनयिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान और ईरान के राष्ट्रपति हस’न रूहानी द्वारा सह अध्यक्षता में रूसी राष्ट्रपति ने पवित्र कुरान के एक प्रभावशाली आयत को उद्धृ’त करके अनुमोदन पर जीत हासिल की। पुतिन ने इस्लामी शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम केवल हिं’सा को आ’त्मर’क्षा के उदाहरण में संघ’र्ष का एक वै’ध साधन मानता है।

साथ ही पुतिन ने अप्रत्याशित हमलों से बचाव के लिए रियाद को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों में निवेश करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि तुर्की और ईरान ने पहले ही इस तकनीक में निवेश कर दिया था।

इसी के चलते राष्ट्रपति रूहानी और तैय्य’प एर्दोगन ने भी यमन के सऊदी नेतृत्व वाले आक्रम’ण की आलोचना की, जिसने पिछले पांच वर्षों के दौरान अभूतपू’र्व मौ’तों का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने देखा कि आक्रम’ण ने देश की तबा’ही को ट्रिग’र किया जिसने एक बार अरब प्रा’यद्वी’प में भू’स्थैति’क स्थिति को बनाए रखा था।

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