मोहन भागवत और मौलाना मदनी की मुलाक़ात पर उ’ठे सवाल, इमरान मसूद ने मचा’या हंगा’मा,पूछा कौनसी मजबूरी थी?

जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी और RSS प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात काे लेकर राजनीति गर्म हो गई है। इस मुलाकात पर कांग्रेस के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने सवाल उठाते हुए अपने फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से कहा है कि अंग्रेजों के विरू’द्ध लड़’ने वाली संस्था के प्रतिनिधि आरएसएस की चौख’ट पर आखिर क्यों गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि जो उन्होंने अंग्रेजों के दोस्तों से हा’थ मिलाया।

बता दें कि हाल ही में जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत से दिल्ली में मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद अरशद मदनी ने कहा था कि दाेनों के बीच देश की बेहत’री के लिए साथ मिलकर काम करने पर चर्चा हुई थी। इस मुलाक़ात के बाद देश भर से लोगों के बयान आने लगे लोग अलग अलग बाते बनाने और सवाल उठाने लगे|

इसको लेकर कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने फेसबुक के जरिये मोहन भागवत और अरशद मदनी की मुलाकात पर सवाल खड़े किए हैं। इमरान मसूद ने कहा है कि आरएसएस के मुख्यालय पर घुट’ने टेकने क्यों और किस समझौते के तहत पहुंचे थे।

इसके बाद इमरान ने कहा है कि दारुल उलूम की प्रतिष्ठा के अनुसार किसी राष्ट्रीय ह’स्ती के बजाए डीएम और एसएसपी से स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोह’ण कराना यह दर्शाता है कि हमारी गौरवशा’ली संस्था’एं जिम्मेदार हा’थों में हैं।

संघ के मुख्यालय पर अरशद मदनी की अगुवाई के लिए मोहन भागवत बाहर तक भी नहीं आए| उन्होंने कहा कि देश और कौम जवाब मांग रही है कि उनकी इस मुलाकात का मकसद आखिर क्या था।

बसपा सांसद हाजी फजलुर्रहमा’न ने इमरान मसूद द्वारा डा’ली गई पोस्ट का विरो’ध किया है। उनका कहना है कि मौलाना अरशद मदनी के विरो’ध का इमरान मसूद को कोई अधिकार नहीं दारुल उलूम जमीयत उलमा को बुरा भला कहना इमरान की खराब मानसिक’ता का परिच’य देता है|

इसके बाद उन्होंने कहा कि उलमा की तौही’न करने वालों को कौम कभी माफ नहीं करेगी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले उलमा का विरो’ध कर रहे हैं मौलाना अरशद मदनी और संघ प्रमुख की मुलाकात भाईचारे के संबं’ध में हु’ई है। उलमा और संस्थाओं की जिम्मेदारी इमरान तय नहीं कर सकते हैं।

साभारः #AmarUjaala