बिकाऊ मीडिया पर जमकर बरसे राहुल: कहा मीडिया खो चुकी है अपनी आवाज़, लोग बोले आपके सांसद संसद में...

बिकाऊ मीडिया पर जमकर बरसे राहुल: कहा मीडिया खो चुकी है अपनी आवाज़, लोग बोले आपके सांसद संसद में…

नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिकाऊ मीडिया पर तीखा हम’ला बोला है। बता दें राहुल गाँधी ने ट्वीट के जरिए मीडिया को घेरते हुए कहा है कि मीडिया अपनी आवाज़ खो चुकी है. नागरिक होने के नाते क्या हम ये बर्दाश्त कर सकते हैं? इसे लेकर देश की अंतरा’त्मा हिल जानी चाहिए थी. दरअसल राहुल गाँधी ने झारखंड के एक ही जिले में 10,000 आदिवासियों के खिला’फ देशद्रो’ह के मामले दर्ज किये जाने के पर कहा है कि ऐसी खबर से देश की चेतना हिल जानी चाहिए थी.

मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ. बिकाऊ मीडिया शायद अपनी आवाज़ को खो चूका है. क्या बतौर देश के नागरिक हम ये बर्दाश्त कर सकते हैं? आपको बता दें ऑनलाइन न्यूज़ वैबसाइट स्क्रॉल डॉट इन की एक रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड के खूंटी जिले में दस हज़ार से भी ज्यादा आदिवासियों के खिला’फ देशद्रो’ह का माम’ला दर्ज़ किया गया है. रिपोर्ट लिखने वाली पत्रकार सुप्रिया शर्मा ने इसे ट्वीट कर शेयर किया. राहुल ने इसी ट्वीट को रीट्वीट कर मीडिया पर निशाना साधा है.

दरअसल राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में एक मीडिया रिपोर्ट को टैग किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार रघुवर दास के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने पत्थलगड़ी आंदोलन में हिस्सा लेने के खिला’फ रांची से सटे खूंटी जिले में करीब 10,000 आदिवासि’यों के खिला’फ राजद्रो’ह का केस दर्ज किया गया है।

आपको बता दें कि 2017-18 में पत्थलगड़ी आंदो’लन के तहत झारखंड में कई गांव के बाहर कई ऐसे पत्थर लगाये गये जिसमें लिखा था कि ग्राम सभा स्वा’य’त्त ऑथोरिटी है। इस आंदोलन के चलते आदिवासी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रदर्श न हुए थे. झारखंड में अब चुनाव होने हैं. ऐसे में कई बीजेपी नेता भी मान रहे हैं कि जो कदम उठाए गये उससे आदिवासि’यों में पार्टी की छवि को नुकसा’न पहुंचा।

न्यूज़ वेबसाइट स्क्रॉल डॉट इन के अनुसार इसी साल खूंटी के एक गांव घा’घड़ा में 100 गांव वालों ने होने वाले विधानसभा चुनाव का बहि’ष्का’र करने का ऐलान किया है। एक गांव वाले ने बताया, वे हम पर विकास थोप’ना चाहते हैं लेकिन हम चाहते हैं कि पहले हमसे बात हो। सरकार कहती है कि हम दे’शद्रो’ही है तो फिर हम वोट ही क्यों करें?

दरअसल राहुल गांधी ने रीट्वीट कर लिखा कि क्या कोई सरकार दस हज़ार आदिवासियों के खिला’फ कठो’र देशद्रो’ह का मामला दर्ज कर सकती है। जो आदिवासी सरकार के दम न के खिला’फ आंदोलन कर रहे थे उनके खिला’फ देशद्रो’ह का मामला दर्ज कर दिया गया। इस घट’ना से हमारे देश की अंतरा’त्मा को झटका लगना चाहिए था और मीडिया में तूफा’न आना चाहिए था. साभार: scroll.in

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