बड़ी खबर: सऊदी की राजकुमारी अमेरिका में बनीं पहली महिला राजदूत

सऊदी अरब में मोहम्मद बिन सलमान ने जब से बतौर क्राउन प्रिंस देश की सत्ता संभाली है तब से ही सत्ता में कई बड़े बदलाव देखने को मिले है. सऊदी प्रिंस ने कई बड़ी राहत और कानून में छुट सऊदी निवासियों को दी है. इसी क्रम में बिन सलमान ने महिलाओं को गाड़ी चलाने की इजाजत, स्टेडियम में खेल देखने और सिनेमा खोलने की इजाज़त, समुद्र किनारों पर अकेले जाने जैसी इजाजत दी गई. इसके आलावा सऊदी शहजादे मोहम्मद बिन सलमान ने अपनी विदेश नीति में भी काफी बड़े बदलाव किये है इसी कड़ी में अब इस क्षेत्र में भी महिलाओं की एंट्री हो गई है.

सऊदी अरब ने शहजादे ने विभिन्न देशों की यात्रा से स्वदेश लौटने के बाद एक बड़ा और साहसिक फैसला लिया. सऊदी अरब के इस फैसले ने एक बार फिर से दुनिया को चौंका दिया है. सऊदी अरब ने अमेरिका में पहली महिला राजदूत नियुक्त करने का फैसला लिया है जो अपने आप में एक ऐतिहासिक फैसला है.

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खबरों के मुताबिक शाही परिवार की राजकुमारी रिमा बिंत बंदार पहली महिला हैं जिन्हें अमेरिका में सऊदी अरब ने अपना राजदूत नियुक्त किया है. वहीं रीमा को अचानक से राजदूत बनाए जाने से दुनिया भर में हैरानी भी है. सऊदी में समय से पहले नई नियुक्ति वहां पहले से बैठे व्यक्ति को किसी वजह से हटाने के लिए की जाती है.

लेकिन राजकुमारी रिमा की बतौर राजदूत नियुक्ति को इस नजरिये से नहीं देखा जा रहा है. रीमा से पहले अमेरिका सऊदी अरब के राजदूत राजकुमार खालिद बिन सलमान राजदूत के रूप में नियुक्त थे जिन्हें अब यहां से हटा कर देश का उप रक्षा मंत्री बनाया गया है उन्हें अब बड़ी जिम्मेदारी दी गई है यानि की उनकी तरक्की हुई है.

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राजकुमारी रिमा की नियुक्ति को खास एक रणनीति और कूटनीतिक फैसले के तौर पर देखा जा रहा है. रीमा की नियुक्ति के इस फैसले से बिन सलमान ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं. पत्रकार जमाल खशोगी की ह$त्या के बाद अमेरिका में सऊदी अरब और युवराज एमबीएस के खिलाफ काफी नाराजगी का महौल है.

ऐसे में अमेरिका में कई लोग यही मानते हैं कि सऊदी अरब का शाही परिवार अपने विरूद्ध किसी भी तरह की खिलाफत बर्दाश्त नहीं कर सकता है. रियाद का अब तक का रैवैया देखा जाए तो सऊदी अरब सरकार अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ को बड़ी ही निर्ममता के साथ दबा देती है.

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इस फैसले से शाही परिवार ने अमेरिका में इस धारणा को तोड़ने का प्रयास किया है कि कट्टरपंथी इस्लामिक देश होने के नाते सऊदी अरब महिलाओं को सीमित अधिकार देता है. रीमा अमेरिका और कूटनीति से पहले से ही अच्छी तरह वाकिफ हैं. वह कई सालों तक वाशिंगटन में रहीं हैं उन्होंने जहां जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से म्यूजियम स्टडीज में डिग्री हासिल की है.